जयपुर/ नरेश गुनानी/राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की तैयारियों को गति देते हुए रिटर्निंग अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। शासन सचिवालय स्थित आयोग सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों से संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
तैयारियों की गहन समीक्षा और दिशा-निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित कर चुनाव तैयारियों की मौजूदा प्रगति की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने फील्ड स्तर पर आ रही प्रशासनिक व तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- मतदाता सूची: मतदाता सूचियों में संशोधन और उन्हें अद्यतन करने के कार्य की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
- दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं: मतदान केंद्रों पर दिव्यांग तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैंप, व्हीलचेयर और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
- संवेदनशील केंद्र: क्रिटिकल और संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां की विशेष कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
समीक्षा के दौरान चुनाव संबंधी कार्यों में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने वाले जिलों और अधिकारियों के प्रति आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को आयोग की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई।
चुनावी प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र में रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया की संवीक्षा, मतदान प्रबंधन, ईवीएम संचालन और मतगणना से जुड़े विभिन्न कानूनी व तकनीकी पहलुओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। अधिकारियों के विभिन्न संशयों और शंकाओं का मौके पर ही निवारण किया गया।
बैठक के अंत में आयुक्त ने स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा सहित आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।