नई दिल्ली में 28वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन का आगाज़: वासुदेव देवनानी ने की शिरकत
| नरेश गुनानी
नई दिल्ली/जयपुर, 15 जनवरी 2026: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित संसद के ऐतिहासिक संविधान भवन में 28वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (CPA) के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस भव्य सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया।
सम्मेलन के दौरान वासुदेव देवनानी ने संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय नेताओं से शिष्टाचार भेंट की। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष
- जे. पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री
- अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री
- भागीरथ चौधरी, केंद्रीय मंत्री
- विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष और सांसद।
इस वैश्विक मंच पर आईपीयू की प्रेसीडेंट, सीपीए के चेयरपर्सन सहित राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों और भारत सरकार के मंत्रियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रधानमंत्री का संबोधन: लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जनभागीदारी की मजबूती पर विशेष जोर दिया है।
”प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल देशों के बीच सहयोग, श्रेष्ठ संसदीय प्रथाओं के आदान-प्रदान और साझा चुनौतियों के सामूहिक समाधान का जो आह्वान किया है, वह दुनिया भर के लोकतंत्रों के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।” – वासुदेव देवनानी
17 जनवरी को गुलाबी नगरी जयपुर में जुटेगा ‘विश्व’
नई दिल्ली में मुख्य सम्मेलन के पश्चात, राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स का अगला पड़ाव राजस्थान की राजधानी जयपुर होगा।
भ्रमण और स्वागत कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- दिनांक: 17 जनवरी 2026।
- स्वागत: जयपुर पहुंचने पर सभी विदेशी मेहमानों का भारतीय परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया जाएगा।
- सांस्कृतिक संध्या: जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में राजस्थान विधानसभा द्वारा एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि भोज का आयोजन किया जाएगा।
- विशिष्ट अतिथि: इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य और नेता प्रतिपक्ष भी मौजूद रहेंगे।
इस गरिमामय समारोह में राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स का विशेष सम्मान भी किया जाएगा, जो राजस्थान की आतिथ्य सत्कार की परंपरा को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा।

