धौलपुर: धनौरा की गलियों में पहुँचे प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, घर-घर जाकर जानी जनसमस्याएं

लोकेंद्र सिंह शेखावत 

धौलपुर | 08 मई, 2026

​राजस्थान के विकास संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। धौलपुर जिले के धनौरा ग्राम में गुरुवार को आयोजित रात्रि चौपाल और रात्रि विश्राम के बाद, शुक्रवार अलसुबह मंत्री ने पूरे गांव का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बिना किसी तामझाम के ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सीधा संवाद स्थापित किया।

बुजुर्गों का लिया आशीर्वाद, बच्चों को बांटी खुशियां

​भ्रमण के दौरान जवाहर सिंह बेढ़म ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों के स्वास्थ्य का हाल जाना और उनसे पूछा कि उन्हें समय पर पेंशन मिल रही है या नहीं। साथ ही, उन्होंने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लाभ के संबंध में भी फीडबैक लिया।

​मंत्री का एक मानवीय पक्ष भी देखने को मिला जब उन्होंने गांव के बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर बातचीत की। बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्होंने उन्हें दुलारते हुए चॉकलेट और बताशे वितरित किए।

महिलाओं को ‘राजीविका’ से जुड़ने की प्रेरणा

​ग्रामीण महिलाओं से संवाद करते हुए प्रभारी मंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने आह्वान किया कि अधिक से अधिक संख्या में महिलाएं राजीविका (RGAVP) समूहों से जुड़ें, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आय में योगदान दे सकें।

प्रमुख बिंदु: ‘चाय पर चर्चा’ और समाधान

​भ्रमण के पश्चात मंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर ‘चाय पर चर्चा’ की। इस अनौपचारिक संवाद में निम्नलिखित मुख्य बातें सामने आईं:

  • मूलभूत सुविधाएं: पेयजल, बिजली और सड़कों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
  • योजनाओं का क्रियान्वयन: लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचने की जानकारी ली गई।
  • अधिकारियों को निर्देश: ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मौके पर मौजूद जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी और अन्य अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

“गांवों के विकास से ही बनेगा विकसित राजस्थान”

​मीडिया से बात करते हुए जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा:

​”गांवों के विकास के बिना देश और प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। जब तक हम स्वयं गांवों के बीच जाकर लोगों से संवाद नहीं करेंगे, तब तक उनकी जमीनी समस्याओं को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। ‘ग्राम विकास चौपाल’ और ‘ग्राम विकास रथ’ जैसे प्रयास विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”

 

​इस पैदल भ्रमण के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मंत्री के इस सहज अंदाज और जनसंवाद की ग्रामीणों ने काफी सराहना की।

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