मुख्य गऊ घाट से निकलेगी भव्य कलश यात्रा; संत अवधेशदास महाराज व्यासपीठ से रसवर्षा करेंगे
पुष्कर/अजमेर
संवाददाता: हरिप्रसाद शर्मा
तीर्थराज और धार्मिक नगरी पुष्कर में आज से अध्यात्म और भक्ति की अविरल धारा बहने जा रही है। शनिवार को स्थानीय माहेश्वरी सेवा सदन में स्वर्गीय धन्नालाल मंत्री की पुण्य प्रेरणा से आयोजित होने वाले सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य शुभारंभ होगा। कथा को लेकर पुष्कर के श्रद्धालुओं और भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मुख्य गऊ घाट से भव्य कलश यात्रा के साथ शुरुआत
भीलवाड़ा के प्रख्यात शिक्षाविद नरेंद्र पाराशर ने आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ज्ञानयज्ञ की शुरुआत शनिवार सुबह एक विशाल और भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। यह कलश यात्रा पुष्कर के पवित्र और मुख्य गऊ घाट से विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रारंभ होगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा स्थल (माहेश्वरी सेवा सदन) पहुंचेगी। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीतों के साथ शामिल होंगे।
व्यासपीठ से रसवर्षा करेंगे भागवत रसिक संत
इस सात दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण कराने के लिए श्री केशव गोपाल आध्यात्म पीठ, सांपला के भागवत रसिक संत श्रद्धेय अवधेशदास महाराज एवं श्री केशव गोपाल सांपला व्यासपीठ पर विराजमान होंगे। कथा के प्रथम दिन महाराज श्री द्वारा व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत महात्म्य का विस्तार से वर्णन किया जाएगा और बताया जाएगा कि किस प्रकार भागवत कथा मानव जीवन के कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।
तैयारियां पूर्ण; गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम
कथा के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नरेंद्र पाराशर ने बताया कि कथा पंडाल को भव्य रूप दिया गया है, जहां आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। वर्तमान मौसम को देखते हुए पंडाल में भक्तों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए कूलिंग और विशेष प्रबंध किए गए हैं।
संत-महंतों को आमंत्रण और सीधा प्रसारण
धार्मिक नगरी पुष्कर के इस पावन आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए क्षेत्र के सभी प्रमुख आश्रमों के पूज्य संतों और महंतों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिनका सानिध्य इस ज्ञानयज्ञ को प्राप्त होगा। इसके साथ ही, जो श्रद्धालु किसी कारणवश कथा स्थल पर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए कथा का लाइव (सीधा) प्रसारण भी किया जाएगा।
कथा का समय:
- अवधि: सात दिवसीय (शनिवार से प्रारंभ)
- समय: प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी भाई-बहनों से समय पर कथा स्थल पहुंचकर संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।