मानसून के मौसम में गलियों और मुख्य मार्गों पर पसरा सन्नाटा, स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों में भय का माहौल
- अप्रिय घटना, आवारा पशुओं के हमले और हादसों की आशंका के बीच छात्र संगठन ने दी त्वरित कार्रवाई की चेतावनी
पुष्कर/अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा)।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक और पर्यटन नगरी पुष्कर इन दिनों रात के समय अंधेरे के आगोश में डूबी हुई है। नगर के विभिन्न वार्डों, मुख्य मार्गों और तंग गलियों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर अब स्थानीय युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। युवा छात्र नेता और एनएसयूआई (NSUI) के अध्यक्ष मधुसूदन ‘मैक्स’ पाराशर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुष्कर उपखंड अधिकारी (SDM) एवं नगर परिषद प्रशासक को एक ज्ञापन सौंपकर अविलंब शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने की पुरजोर मांग उठाई है।
मानसून में बढ़ा खतरा: हादसों और जहरीले जीवों का बना रहता है डर
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआई अध्यक्ष मधुसूदन पाराशर ने बताया कि पुष्कर नगर की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें पिछले काफी समय से तकनीकी खराबी और रखरखाव के अभाव में बंद पड़ी हैं। इसके कारण न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में मानसून का दौर जारी है, जिसके चलते अंधेरे में राहगीरों को सड़कों पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। इसके साथ ही, रात के समय जहरीले जीवों (सांप-बिच्छू आदि) के काटने और सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं द्वारा चोट पहुँचाने का डर भी लगातार बना रहता है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों द्वारा किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने की आशंका से स्थानीय वृद्ध, महिलाएं और बच्चे खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
विश्व पटल पर पुष्कर की छवि हो रही धूमिल
छात्र नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया कि पुष्कर एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जहाँ हर दिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी सैलानी आते हैं। ऐसे में आस्था के इस बड़े केंद्र में रात के समय पसरा यह अंधेरा व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। इससे देश और दुनिया भर में पुष्कर की छवि पर विपरीत और नकारात्मक संदेश जा रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक है।
त्वरित कार्रवाई की मांग, युवाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई ने उपखंड अधिकारी से बेहद संवेदनशील रुख अपनाते हुए इस जनसमस्या पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि नगर परिषद की टीम को निर्देशित कर तत्काल प्रभाव से बंद लाइटों को बदलवाया जाए ताकि आमजन और यात्रियों को इस भयमुक्त वातावरण से राहत मिल सके। यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर सुध नहीं ली, तो छात्र संगठन आम जनता को साथ लेकर उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान यह युवा रहे मौजूद
प्रशासन को जनहित में ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष मधुसूदन पाराशर के साथ विलायत अली, प्रकाश योगी, योगेश, शुभम, लाल, शिवजी, लक्की, सागर, नितेश, अमन, बिट्टू लखन, उज्ज्वल, विक्रम, राज सहित बड़ी संख्या में युवा छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।