धर्म परायणता से ही उत्कृष्ट समाज और राष्ट्र की स्थापना संभव: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

धर्म परायणता से ही उत्कृष्ट समाज और राष्ट्र की स्थापना संभव: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

| लोकेंद्र सिंह शेखावत

बालोतरा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजनीति हो या अन्य कोई कार्य, धर्म का होना अनिवार्य है। धर्म के बिना कोई भी कार्य पूर्णता प्राप्त नहीं कर सकता। धर्म के मार्ग पर चलकर ही सिद्धियां प्राप्त होती हैं और एक उत्कृष्ट समाज व राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा हमें धर्म के पथ पर चलते हुए सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

​मुख्यमंत्री मंगलवार को बालोतरा के कनाना श्रीमठ में आयोजित श्री ललिता महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं मां सरस्वती मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण

​मुख्यमंत्री ने राजस्थान की धरा को शौर्य, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी बताते हुए कहा कि प्रदेश में साधु-संतों के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है। उन्होंने कनाना मठ की भूमि को अलौकिक ऊर्जा का केंद्र बताया और कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी आने वाली पीढ़ी को गौरवशाली विरासत से जोड़ते हैं।

सांस्कृतिक और धार्मिक परिदृश्य में ऐतिहासिक परिवर्तन

​भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज देश के धार्मिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है।

  • अयोध्या: प्रभु श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा।
  • वाराणसी: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण।
  • उज्जैन: महाकाल महालोक का अलौकिक विस्तार।
  • प्रसाद योजना: देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों के आधारभूत ढांचे और सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण।

प्रदेश के तीर्थ स्थलों का विकास और जनसेवा

​आस्था की सेवा को सबसे बड़ी जनसेवा बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी:

  • वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना: बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ दर्शन करवाए जा रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं वार्ड योजना: इसके माध्यम से धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है।
  • राजस्थान दिवस: देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि अब राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (भारतीय नववर्ष) के दिन मनाने की परंपरा शुरू की गई है।

समारोह के मुख्य आकर्षण

​मुख्यमंत्री ने पिछले एक वर्ष से चल रहे श्री ललिता महायज्ञ में विधि-विधान से पूर्णाहुति दी। उन्होंने देशभर से पधारे प्रमुख संत-महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में कनाना मठ के महंत परशुराम गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री को ‘श्री यंत्र’ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व

​जोराराम कुमावत (देवस्थान मंत्री), के.के. विश्नोई (उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री), हमीर सिंह भायल (विधायक), महंत प्रतापपुरी, आदूराम मेघवाल, अरुण चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधि व साधु-संत।

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