जयपुर, 29 जून 2026 / गौरव कोचर /राजस्थान में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, विधिक माप विज्ञान विभाग (Legal Metrology Department) द्वारा 23 से 25 जून तक प्रदेशभर में धर्मकांटों (वे-ब्रिज) का एक विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।
इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है, जिस पर विभाग ने सख्त कानूनी कार्रवाई की है।
311 धर्मकांटों की जांच, आधे से ज्यादा में मिली गड़बड़ी
अभियान के तहत विभाग की टीमों ने राज्यभर में कुल 311 धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि आधे से अधिक संस्थानों में नियमों की अनदेखी की जा रही थी:
- कुल कार्रवाई: 179 संस्थानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं और कमियां पाई गईं।
- जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कुल 3 लाख 99 हजार 500 रुपए का आर्थिक जुर्माना लगाया गया।
- जब्ती: जिन मामलों में बेहद गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, वहां त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 धर्मकांटे जब्त (सीज) कर लिए गए।
निरीक्षण में सामने आईं ये प्रमुख अनियमितताएं
जांच के दौरान विधिक माप विज्ञान अधिनियम के नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। आंकड़ों के अनुसार प्रमुख गड़बड़ियां इस प्रकार रहीं:
|
अनियमितता का प्रकार |
मामलों की संख्या |
|---|---|
|
बिना विधिक सत्यापन (Verification) के धर्मकांटे संचालित मिलना |
116 मामले |
|
परिसर में सत्यापन प्रमाण-पत्र (Certificate) प्रदर्शित न करना |
98 मामले |
|
मानक बाट (Standard Weights) सत्यापित न होना |
48 मामले |
|
नियमानुसार अनिवार्य ‘एक टन मानक भार’ उपलब्ध न होना |
27 संस्थान |
|
निर्धारित अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि (Error Margin) से अधिक वजन मिलना |
02 मामले |
पारदर्शिता पर खतरा: विभाग के अनुसार, निर्धारित त्रुटि से अधिक वजन मिलने जैसी गड़बड़ियों से व्यापारिक लेन-देन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित होने की पूरी आशंका रहती है, जिससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं और व्यापारियों को नुकसान होता है।
ब्यावर में सबसे ज्यादा जुर्माना, अलवर में सर्वाधिक जब्ती
जिला स्तर पर हुई कार्रवाई के विश्लेषण से सामने आया कि कुछ जिलों में लापरवाही का ग्राफ काफी ऊंचा था:
- जुर्माने में टॉप जिले: जिला स्तर पर सर्वाधिक 34 हजार 500 रुपए का जुर्माना ब्यावर में लगाया गया। इसके बाद चूरू में 30 हजार, हनुमानगढ़ में 26 हजार, अलवर में 22 हजार 500 तथा अजमेर में 18 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
- जब्ती में अलवर आगे: गंभीर धांधली के चलते अलवर जिले में सबसे ज्यादा 9 धर्मकांटे जब्त किए गए।
नियमों का पालन न करने पर मिलेगी सख्त सजा
विधिक माप विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि व्यापारिक लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले सभी धर्मकांटों का समय पर सत्यापन कराना, प्रमाण-पत्र को सार्वजनिक रूप से दीवार पर प्रदर्शित करना तथा तय मानक भार रखना विधिक रूप से अनिवार्य है।
विभाग ने सभी धर्मकांटा संचालकों से अपील की है कि वे वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी ऐसे औचक और विशेष निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि बाजार में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत बना रहे।