नरेश गुनानी
विश्व धरोहर दिवस पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने दी शुभकामनाएं; ऐतिहासिक स्मारकों को बताया सांस्कृतिक पहचान का आधार।
जयपुर | 17 अप्रैल, 2026
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ‘विश्व धरोहर दिवस’ की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरें केवल पत्थर की इमारतें या अतीत की स्मृतियां मात्र नहीं हैं, बल्कि ये हमारी समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और गौरव के जीवंत प्रतीक हैं।
राजस्थान की वैश्विक पहचान
देवनानी ने कहा कि राजस्थान अपने भव्य किलों, विशाल महलों, प्राचीन मंदिरों और अनूठी लोक संस्कृति के कारण पूरी दुनिया में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल राजस्थान के स्थल यहां की वास्तुकला और ऐतिहासिक वीरता की गवाही देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन धरोहरों का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकार या पुरातत्व विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
आधुनिकता और परंपरा का संगम
विधानसभा अध्यक्ष ने विकास और विरासत के संतुलन पर चर्चा करते हुए कहा:
”आज के आधुनिक युग में जहाँ हम तेजी से विकास कर रहे हैं, वहीं हमें अपनी परंपराओं और विरासत को सहेजकर रखना अनिवार्य है। ऐसा करके ही हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से कटी न रहें, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर भविष्य का निर्माण करें।”
युवाओं से विशेष आह्वान
देवनानी ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने युवाओं को इन ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसका इतिहास और उसकी पहचान होती है, जिसे सुरक्षित रखना वर्तमान पीढ़ी का सबसे बड़ा निवेश है।
विश्व धरोहर दिवस का महत्व
प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन दुनिया भर में मानवीय विरासत को संरक्षित करने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। वासुदेव देवनानी का यह संदेश प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को अपनी विरासत से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।