गनपत चौहान
छाल/धरमजयगढ़, 9 मई 2026
छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के मार्गदर्शन में शनिवार को व्यवहार न्यायालय धरमजयगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। तालुका विधिक सेवा समिति धरमजयगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में वर्षों से लंबित विवादों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अध्यक्ष महोदया प्रिया रजक की अध्यक्षता में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रमुख चेहरे और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- दीपक देवांगन (सचिव, तालुका विधिक सेवा समिति व अधिवक्ता)
- दुर्गानंद यादव (अधिवक्ता)
- पैरालीगल वालंटियर्स: मौसमी शर्मा, सावित्री डनसेना और सदानंद सिंह।
- अन्य विभाग: पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य।
उल्लेखनीय सफलता: 68% से अधिक मामलों का निपटारा
इस लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण की दर अत्यंत सराहनीय रही। न्यायालय द्वारा कुल 3701 प्रकरणों को चिन्हित कर समझौते के लिए रखा गया था। सघन प्रयासों और पक्षकारों की आपसी रजामंदी के चलते इनमें से 2550 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया।
लोक अदालत के लाभ: समय और धन की बचत
अध्यक्ष महोदया ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक अदालत ‘सुलभ न्याय’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इसके माध्यम से:
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- पक्षकारों को अदालती चक्करों से मुक्ति मिली।
- त्वरित एवं कम खर्च में विवादों का स्थायी समाधान हुआ।
- आपसी समझौते के कारण दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट खत्म हुई और प्रेम-भाव बढ़ा।
विशेष नोट: राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली बिल विवाद, चेक बाउंस, पारिवारिक मामले, राजस्व और अन्य दीवानी मामलों को प्रमुखता से सुलझाया गया। इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि संवाद और समझौते के जरिए बड़े से बड़े कानूनी विवादों का अंत संभव है।
उपस्थिति: बड़ी संख्या में नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।