धरमजयगढ़ में सेवा की मिसाल: डॉ. खुर्शीद खान की पहल पर 250 मरीजों ने उठाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़
धरमजयगढ़ (रायगढ़) | आदिवासी बहुल धरमजयगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और जनसेवा के संकल्प को दोहराते हुए डॉ. खुर्शीद खान द्वारा एक भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। न्यू शगुफ्ता हॉस्पिटल (तुर्रापारा) में आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के करीब 250 से अधिक ग्रामीणों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त किया।
विशेषज्ञों की टीम ने दी सेवाएं
डॉक्टर आर.एल. हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, रायगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में रायगढ़ के सुप्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में विशेष रूप से इन विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- स्त्री एवं प्रसूति रोग: डॉ. प्रिया अग्रवाल (निसंतान दंपत्तियों हेतु विशेष परामर्श)।
- अस्थि रोग: डॉ. प्रशांत अग्रवाल।
- मेडिसिन विशेषज्ञ: डॉ. सुबोध नायक।
- बाल एवं शिशु रोग: डॉ. दिव्येश शर्मा।
- भ्रूण रोग: डॉ. प्रवीण कुमार।
ग्रामीणों के लिए यह एक बड़ा अवसर था, क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की यह टीम आमतौर पर बड़े शहरों में ही उपलब्ध होती है। शिविर में न केवल परामर्श दिया गया, बल्कि गंभीर रोगों की प्रारंभिक जांच भी निःशुल्क की गई।
PHC बायसी को प्रदेश स्तर पर दिला चुके हैं गौरव
डॉ. खुर्शीद खान की कार्यशैली और स्वास्थ्य के प्रति उनकी गंभीरता का प्रमाण उनका पिछला रिकॉर्ड भी देता है। उनके नेतृत्व में पीएचसी बायसी को स्वच्छता और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेश स्तरीय सम्मान मिल चुका है।
सम्मान की यादें: वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ शासन के तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य निदेशक रानू साहू और जिला पंचायत सीईओ चंदन त्रिपाठी के हाथों डॉ. खान को सम्मानित किया गया था। अस्पताल में साफ-सफाई, अनुशासन और बेहतर समन्वय उनकी प्राथमिकता रही है।
जनता का विश्वास और सेवा का संकल्प
शिविर के दौरान डॉ. खुर्शीद खान ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि, “जब तक मैं धरम की नगरी धरमजयगढ़ और इसके ग्रामीण अंचलों में हूँ, मेरा प्रयास रहेगा कि कोई भी व्यक्ति बेहतर इलाज के अभाव में न भटके।” ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में इस स्तर के विशेषज्ञों को बुलाना डॉ. खान की सेवाभावी सोच का ही परिणाम है। उनके प्रयासों से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर लगातार ऊंचा उठ रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।
