धरना, रैली व जुलूस के लिए अब 48 घंटे पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य
| गणपत चौहान छत्तीसगढ़
एमसीबी, 18 दिसंबर 2025।
जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डी. राहुल वेंकट द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत जिले के सभी अनुभागों, विशेष रूप से जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए अनुमति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के संज्ञान में यह तथ्य सामने आया है कि कई आवेदकों द्वारा धरना-प्रदर्शन, रैली अथवा जुलूस के आयोजन हेतु आयोजन के दिन ही संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इससे प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में अव्यवस्था, यातायात बाधा और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, संगठन अथवा समूह यदि धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस अथवा किसी अन्य प्रकार का सार्वजनिक आयोजन करना चाहता है, तो उसे आयोजन की निर्धारित तिथि से कम से कम 48 घंटे पूर्व संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के समक्ष विधिवत आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस निर्देश का पूर्ण रूप से पालन करें, ताकि सार्वजनिक आयोजनों के दौरान शांति, सुरक्षा, अनुशासन एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का यह कदम जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।