द पैलेस स्कूल की रजत जयंती: ‘एच्ड इन सिल्वर’ प्रदर्शनी में दिखी 25 वर्षों की गौरवगाथा
जयपुर | 30 जनवरी, 2026
| योगेश शर्मा
जयपुर के द पैलेस स्कूल ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘एच्ड इन सिल्वर’ (Etched in Silver) का आयोजन किया। यह प्रदर्शनी विद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की अविस्मरणीय यात्रा और इसकी उपलब्धियों की एक दृश्यात्मक गाथा पेश करती है।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं विद्यालय की संस्थापिका दीया कुमारी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने अपने कर-कमलों से प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए विद्यालय की विकास यात्रा को याद किया। यह प्रदर्शनी दीया कुमारी की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी स्थायी विरासत को समर्पित है।
राजपरिवार की उपस्थिति रही विशेष आकर्षण
समारोह में महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह एवं प्रिंसेस गौरवी कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजपरिवार के सदस्यों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यालय द्वारा शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र में स्थापित किए गए नए आयामों की सराहना की।
सामुदायिक सेवा: करुणा और उत्तरदायित्व का संदेश
रजत जयंती के उत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए उपमुख्यमंत्री ने विद्यालय के ‘कनेक्ट इंटरैक्ट क्लब’ के विद्यार्थियों के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई।
- खिचड़ी वितरण: दीया कुमारी ने स्वयं छात्रों के साथ मिलकर जरूरतमंदों के लिए खिचड़ी तैयार करवाई।
- सामाजिक संदेश: तैयार भोजन को छात्रों के साथ मिलकर वितरित किया गया, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी में करुणा, सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जागृत करना था।
‘एच्ड इन सिल्वर’: एक कालजयी यात्रा
प्रदर्शनी में प्रदर्शित तस्वीरें विद्यालय की नींव रखे जाने से लेकर आज के आधुनिक स्वरूप तक के सफर को बयां करती हैं। इसमें छात्रों की उपलब्धियां, ऐतिहासिक कार्यक्रम और विद्यालय के बुनियादी ढांचे में आए बदलावों को बहुत ही कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
विद्यालय प्रशासन ने इस अवसर पर कहा कि यह 25 वर्ष केवल समय का बीतना नहीं, बल्कि हजारों सपनों को साकार करने की यात्रा है। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए अभिभावक, पूर्व छात्र और शिक्षा जगत से जुड़ी हस्तियां बड़ी संख्या में पहुँच रही हैं।
