दो वर्षों में कृषि, सिंचाई और जनकल्याण में ऐतिहासिक प्रगति
नहरी सिंचाई, फार्म पॉन्ड और किसान अनुदान योजनाओं में पूर्ववर्ती सरकार से कई गुना अधिक उपलब्धियां
| नरेश गुनानी
राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में कृषि, सिंचाई और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई है। इस अवधि में 84 हजार 592 हेक्टेयर भूमि को नहरी तंत्र से जोड़कर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के दो वर्षों में यह आंकड़ा 17 हजार 448 हेक्टेयर रहा था और पूरे पांच साल में कुल 52 हजार 182 हेक्टेयर भूमि ही नहरी सिंचाई से जुड़ पाई थी।
कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार ने तेज गति से कार्य किया। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा दो वर्षों में 6 हजार 391 फार्म पॉन्ड का निर्माण कराया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने केवल दो वर्षों में ही 35 हजार 368 फार्म पॉन्ड बनवाकर किसानों को जल संरक्षण और सिंचाई में बड़ी राहत दी है। इसी तरह किसान पाइपलाइन अनुदान योजना में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पूर्व सरकार के दो वर्षों में 43 हजार 829 किसान लाभान्वित हुए थे, जबकि वर्तमान सरकार के दो वर्षों में यह संख्या बढ़कर 98 हजार 753 किसान तक पहुंच गई है।
किसानों के हित में अल्पकालीन ऋण और अनुदान, डिग्गी निर्माण, सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना जैसे कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर लागू किया गया। इसके साथ ही पशु चिकित्सालयों की स्थापना, स्वामित्व कार्ड वितरण, स्कूली विद्यार्थियों को लैपटॉप और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है।
समारोह स्थल पर दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को लेकर भी ठोस पहल की गई। दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी, मोटराइज्ड ट्राई साइकिल तथा सहायक अंग एवं उपकरण वितरित किए गए और लाभार्थियों से आत्मीय संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों को जाना गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

