दोस्तों ने प्रॉपर्टी कारोबारी को मौत के घाट उतारा, 6 फीट गहरे गड्ढे में दफनाया शव
पांच आरोपी गिरफ्तार, प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह
हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर •
अजमेर। अजमेर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रॉपर्टी कारोबारी लेखराज रैगर (45) की हत्या उसके ही दोस्तों ने कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए 6 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। हत्या का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने जेसीबी से खुदाई कर शव बरामद किया। यह घटना केसरपुरा गांव के जंगलों की है।
13 अक्टूबर से लापता था कारोबारी
मृतक लेखराज रैगर नागौर जिले के हरसौर गांव का निवासी था और अजमेर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। वह 13 अक्टूबर को घर से अपने दोस्त श्याम सिंह रावत का जन्मदिन मनाने के लिए निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा।
उसकी बाइक जनाना अस्पताल रोड पर लावारिस हालत में मिलने के बाद परिवार को अनहोनी की आशंका हुई।
लेखराज के बेटे पार्थ रैगर ने अजमेर के क्रिश्चियनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस जांच में उजागर हुई साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ। युवक की निशानदेही पर पुलिस ने मायापुर गांव के चार अन्य युवकों को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन का विवाद था।
मुख्य आरोपी श्याम सिंह रावत एक प्रॉपर्टी सौदे को लेकर लेखराज पर दबाव बना रहा था, लेकिन लेखराज ने जमीन बेचने से मना कर दिया। इससे श्याम सिंह रावत ने रंजिश पाल ली और अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
ऐसे अंजाम दी गई वारदात
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले लेखराज को किसी बहाने से अपने साथ बुलाया, फिर उसका अपहरण कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने केसरपुरा डूंगरी क्षेत्र में जंगल के बीच 6 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को मिट्टी में दफना दिया।
15 अक्टूबर की रात पुलिस ने जेसीबी मशीन से खुदाई कर शव बरामद किया। शव की बरामदगी में करीब तीन घंटे का समय लगा।
मौके पर जुटी भारी पुलिस और भीड़
जैसे ही हत्या की जानकारी मिली, सीओ नॉर्थ रूद्र प्रकाश, एफएसएल टीम और पांच थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। शव बरामदगी के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में सनसनी फैल गई।
गिरफ्तार आरोपी
क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने निम्न पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है –
- श्याम सिंह रावत (31) पुत्र हरिसिंह रावत
- बीरम सिंह रावत (29) पुत्र उगमसिंह रावत
- छगन सिंह रावत (33) पुत्र शैतान सिंह रावत
- नरेश रावत (19) पुत्र कचरू सिंह रावत
- विमल सिंह रावत (21) पुत्र भागचंद रावत
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी आपस में मित्र हैं और वारदात के बाद से फरार थे।
प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह
सीओ नॉर्थ रूद्र प्रकाश ने बताया कि हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद ही मुख्य कारण रहा है। आरोपियों ने पहले लेखराज का अपहरण कर उसकी हत्या की, फिर शव को जंगल में दफनाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वारदात की पूरी कड़ियां जोड़ रही है।
इलाके में दहशत, जांच जारी
इस घटना के बाद अजमेर में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि मामले का पूरा खुलासा गुरुवार शाम तक किया जाएगा, और वारदात से जुड़े सभी सबूतों की जांच जारी है।