देहरादून/ गौरव कोचर/उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ग्रामीण इलाके में चल रहे एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। गाजियाबाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की संयुक्त टीम ने परवाल इलाके में छापेमारी कर खेतों के बीच स्थित एक आलीशान कोठी में चलाई जा रही नकली दवाओं की अवैध फैक्ट्री को सील कर दिया है।
गुप्त सूचना पर संयुक्त टीम की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद पुलिस को इलाके में नकली दवाओं की सप्लाई की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस और ड्रग विभाग (FSDA) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर परवाल में दबिश दी। छापे के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जब हरे-भरे खेतों के बीच बनी एक शानदार कोठी के अंदर से बड़े पैमाने पर नकली दवाएं बनाने का खेल उजागर हुआ।
12 नामी ब्रांड्स के नाम पर चल रहा था खेल
इस छापेमारी में सिप्ला (Cipla) और लुपिन (Lupin) जैसे देश के लगभग 12 प्रमुख और नामी फार्मास्युटिकल ब्रांड्स के नाम से बनाई जा रही दवाइयां बरामद की गई हैं। यह फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस या वैध मानकों के, अवैध तरीके से संचालित की जा रही थी और ब्रांडेड कंपनियों के रैपर में इन दवाओं की पैकिंग की जा रही थी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी
ड्रग विभाग और पुलिस की टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार नकली दवाएं, कच्चा माल और पैकिंग मशीनरी जब्त कर ली है। पूरे परिसर को सील कर दिया गया है।
अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और इन नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों या मेडिकल स्टोरों में की जा रही थी। इस मामले में शामिल मुख्य सरगनाओं और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।