नई दिल्ली | नरेश गुनानी | केंद्र सरकार ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और दूर-दराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की उपलब्धियों, भविष्य की रणनीतियों और बजटीय आवंटन का ब्यौरा साझा किया।
1. FY 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियां
गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई:
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- सड़कों का निर्माण: देश भर में 15,647.78 किलोमीटर लंबी कुल 2,905 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया।
- पुलों का निर्माण: नदियों और नालों पर 1,042 पुलों (LSB) का निर्माण संपन्न हुआ।
- बसावटों की कनेक्टिविटी: 93 पात्र बसावटों को हर मौसम में चालू रहने वाली (बारहमासी) सड़कों से जोड़ा गया।
PMGSY-I का समापन: 31 मार्च 2025 को PMGSY-I को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया था (इसके तहत 1,62,876 बसावटों को जोड़ा गया)। बचे हुए भुगतानों और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है।
2. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्य
सरकार ने FY 2026-27 के लिए नए और महत्वाकांक्षी भौतिक लक्ष्य तय किए हैं:
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- कुल सड़क निर्माण लक्ष्य: 26,474 किलोमीटर
- पुलों का लक्ष्य: 1,375 पुल
- नई बसावटों की कनेक्टिविटी: 2,400 पात्र बसावटों को बारहमासी सड़क से जोड़ना।
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प्रमुख राज्यों का लक्ष्य (अनुबंध-I के अनुसार):
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- छत्तीसगढ़: सबसे अधिक 3,786 किमी सड़क और 659 बसावटों का लक्ष्य।
- राजस्थान: 2,630 किमी सड़क और 1,000 बसावटों का लक्ष्य।
- अरुणाचल प्रदेश: 1,966 किमी सड़क और 75 पुल।
- पश्चिम बंगाल: 1,845 किमी सड़क और 6 पुल।
- मध्य प्रदेश: 1,533 किमी सड़क और 90 पुल।
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3. गुणवत्ता और डिजिटल प्रबंधन पर जोर
FY 2026-27 के दौरान कार्यान्वयन योजना को बेहतर बनाने के लिए 6 प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
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- डिजिटल रखरखाव (e-MARG): ‘ई-मार्ग’ (e-MARG) प्लेटफॉर्म के जरिए सड़कों के निरीक्षण, योजना और प्रदर्शन-आधारित भुगतान की डिजिटल निगरानी।
- त्रि-स्तरीय गुणवत्ता निगरानी: PIU (प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट), SQM (स्टेट क्वालिटी मॉनिटर) और NQM (नेशनल क्वालिटी मॉनिटर) के जरिए जियो-टैग निरीक्षणों के साथ 3-स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण।
- PMGSY-IV की शुरुआत: सितंबर 2024 से शुरू की गई PMGSY-IV के तहत वर्ष 2029 तक 25,000 असंबद्ध बसावटों को जोड़ने का काम तेजी से किया जाएगा। (ज्ञात हो कि PMGSY-II को 31.03.2026 से बंद कर दिया गया है)।
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4. आकांक्षी, जनजातीय एवं LWE जिलों के लिए विशेष प्रावधान
दुर्गम और पिछड़े इलाकों में विकास की गति बढ़ाने के लिए विशेष छूट और योजनाएं लागू की गई हैं:
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- जनसंख्या मानदंडों में छूट: पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों/UTs और LWE प्रभावित जिलों में 100+ या 250+ की आबादी वाली बसावटों को भी पात्र माना गया है।
- RCPLWEA: वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए समर्पित सड़क संपर्क परियोजना।
- PM-JANMAN (पीएम-जनमन): विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की 100+ आबादी वाली बसावटों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल।
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5. फंड शेयरिंग पैटर्न एवं बजटीय आवंटन (FY 2026-27)
PMGSY के तहत केंद्र और राज्यों के बीच फंड का बंटवारा निम्नलिखित श्रेणियों में किया जाता है:
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- सामान्य राज्य/UTs (विधानमंडल वाले): 60:40 (केंद्र:राज्य)
- पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्य (हिमाचल, उत्तराखंड, J&K, सिक्किम): 90:10 (केंद्र:राज्य)
- बिना विधानमंडल वाले UTs (अंडमान, लद्दाख): 100% केंद्रीय अंश
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बजट और निधि आवंटन (अनुबंध-II के अनुसार):
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- कुल आवंटित बजट: ₹18,010.48 करोड़
- मूल स्वीकृति: ₹9,334.10 करोड़
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राज्य/UT
कुल बजट आवंटन (₹ करोड़)
जारी की गई निधि (₹ करोड़)
छत्तीसगढ़
₹1,870.00
₹135.14
मणिपुर
₹1,240.00
₹3.23
अरुणाचल प्रदेश
₹1,150.00
₹39.63
पश्चिम बंगाल
₹1,150.00
₹93.24
असम
₹1,050.00
₹66.15
जम्मू और कश्मीर
₹980.00
₹167.85
हिमाचल प्रदेश
₹900.00
₹210.81
मध्य प्रदेश
₹830.00
₹84.63
झारखंड
₹820.00
₹33.50
राजस्थान
₹735.00
₹14.09
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नोट: निधियों का वितरण SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से काम की भौतिक प्रगति और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर किया जा रहा है