देवघर रिमांड होम बना ‘डेथ होम’: 5 महीने में 5 मौतें, मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव और SP को थमाया नोटिस

नेहा रंजन /झारखंड 

 देवघर , 07 मई 2026

झारखंड के देवघर जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। चरखी पहाड़ी स्थित सरकारी रिमांड होम में कैदियों की लगातार हो रही मौतों ने राज्य की कानून व्यवस्था और सुधार गृहों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है और झारखंड सरकार के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

ताजा मामला: 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत

​घटनाक्रम के अनुसार, बीती 2 मई 2026 को रिमांड होम में रह रही एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि युवती की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। अभी तक इस मृत्यु का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिससे संस्थान के भीतर की गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया है।

चौंकाने वाला आंकड़ा: 5 महीने, 5 मौतें

​मानवाधिकार आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मीडिया रिपोर्टों से जो जानकारी मिली है, वह भयावह है। 1 जनवरी 2026 से अब तक इस रिमांड होम के भीतर कुल पाँच कैदियों की जान जा चुकी है।

  • ​क्या रिमांड होम में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है?
  • ​क्या कैदियों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार या प्रताड़ना हो रही है?
  • ​इतनी अधिक मृत्यु दर के बावजूद प्रशासन अब तक मौन क्यों था? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका उत्तर अब राज्य सरकार को देना होगा।

मानवाधिकार आयोग (NHRC) की सख्त टिप्पणी और निर्देश

​आयोग ने माना कि यदि रिपोर्ट में दिए गए तथ्य सही हैं, तो यह मानवाधिकारों के संरक्षण में राज्य की बड़ी विफलता और गंभीर उल्लंघन है।

नोटिस की मुख्य बातें:

  1. नोटिस जारी: झारखंड के मुख्य सचिव और देवघर पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस भेजा गया है।
  2. समय सीमा: आयोग ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
  3. जवाबदेही: रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि पिछली चार मौतों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा और चिकित्सा में क्या सुधार किए थे।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

​देवघर का यह रिमांड होम लंबे समय से विवादों में रहा है। स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चरखी पहाड़ी क्षेत्र में स्थित इस केंद्र में क्षमता से अधिक कैदी रखे गए हैं और वहां सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। 5 महीनों के भीतर 5 मौतों ने इस सुधार गृह की व्यवस्था को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया है।

घटनाक्रम का सारांश

समय सीमा

घटना/कार्रवाई

जनवरी – मई 2026

रिमांड होम में कुल 5 कैदियों की मृत्यु।

02 मई 2026

19 वर्षीय महिला कैदी की संदिग्ध मौत।

04 मई 2026

मीडिया द्वारा रिमांड होम की बदहाली का खुलासा।

07 मई 2026

NHRC द्वारा झारखंड सरकार और देवघर SP को नोटिस।

आयोग के इस हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि रिमांड होम की अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होगी और मौतों के पीछे के असली कारणों का पर्दाफाश होगा।

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