दुर्गापुरा में ज्ञान और संस्कार का संगम: खवास जी का बाग में लाइब्रेरी के शुभारंभ पर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न

​- अध्ययनरत युवाओं ने यज्ञ में दी आहुतियां; अन्नप्राशन और विद्यारंभ संस्कार भी हुए आयोजित

​- युवाओं को प्रेरित करने के लिए लगाई गई विशेष साहित्य स्टाल, कॉलोनी के प्रबुद्धजनों ने किया श्रमदान

जयपुर। योगेश शर्मा 

राजधानी के दुर्गापुरा स्थित खवासजी का बाग कॉलोनी में बुधवार को ज्ञान और सनातन संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। कॉलोनी में नई लाइब्रेरी (पुस्तकालय) के शुभारंभ के पावन अवसर पर भव्य पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कारों का सिंचन करना रहा।

​लाइब्रेरी में नियमित अध्ययन करने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यार्थियों और स्थानीय युवक-युवतियों ने यज्ञ कुंडों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कर देश की उन्नति और अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​चेतना केंद्र के आचार्यों ने कराया यज्ञ

​इस विशेष महायज्ञ का सफल आयोजन वैद्य सत्यदेव शर्मा, आनंद गौतम और गौरव शर्मा के विशेष सहयोग से संपन्न हुआ। यज्ञ की संपूर्ण विधि और संचालन चेतना केंद्र दुर्गापुरा के आचार्य सुशील कुमार शर्मा एवं राजेश कुमार शर्मा द्वारा विधि-विधान से कराया गया। आचार्यों ने उपस्थित जनसमूह को गायत्री मंत्र की महिमा और यज्ञ के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया।

​यज्ञ के साथ संपन्न हुए विभिन्न संस्कार

​महायज्ञ के दौरान केवल आहुतियां ही नहीं दी गईं, बल्कि समाज में संस्कारों के पुनर्जागरण के उद्देश्य से विभिन्न सनातन संस्कार भी निःशुल्क संपन्न कराए गए:

  • विद्यारंभ संस्कार: छोटे बच्चों को अक्षरों की दुनिया से जोड़ने और शिक्षा के प्रति रुचि जगाने के लिए उनका विद्यारंभ संस्कार कराया गया।
  • अन्नप्राशन संस्कार: शिशुओं को पहली बार पवित्र अन्न चखाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के साथ अन्नप्राशन संस्कार आयोजित हुआ।

​युवाओं के लिए सजी विशेष साहित्य स्टाल

​पुस्तकालय के शुभारंभ को और अधिक सार्थक बनाने के लिए परिसर में युवाओं से जुड़ी प्रेरणादायी पुस्तकों की एक विशेष साहित्य स्टाल भी लगाई गई। इस स्टाल पर महापुरुषों की जीवनियां, चारित्रिक निर्माण, मानसिक दृढ़ता और व्यक्तित्व विकास से संबंधित उच्च कोटि का साहित्य प्रदर्शित किया गया, जिसे युवाओं ने काफी सराहा।

​सामूहिक श्रमदान से सफल हुआ आयोजन

​आयोजन को भव्य रूप देने और व्यवस्थाओं को सुचारू रखने में स्थानीय निवासियों और प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सीताराम पुजारी, अशोक प्रजापत, रविमोहन शर्मा, वीरेंद्र कुमार विजयवर्गीय, सुदेश हाडिया, राज कुमारी शर्मा, पूनम जोशी, संतोष राठौड़ और मंजू गुप्ता सहित कई गणमान्य लोगों ने नि:स्वार्थ भाव से सामूहिक श्रमदान किया और इस ज्ञान-यज्ञ को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

​स्थानीय निवासियों के अनुसार, कॉलोनी में इस लाइब्रेरी के खुलने से जहां एक ओर विद्यार्थियों को शांत माहौल में पढ़ने की सुविधा मिलेगी, वहीं इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ी रहेगी।

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