गौरव कोचर
रियल-टाइम मौसम डेटा (AQI.in) के अनुसार, वर्तमान में दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में से 95 शहर अकेले भारत के हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि भारत इस समय वैश्विक स्तर पर गर्मी का केंद्र (Epicentre) बना हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के शहर सबसे ऊपर: उत्तर प्रदेश का बिंदकी (Bindki) दुनिया का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहाँ तापमान 46°C तक पहुँच गया। इसके बाद फतेहपुर और इटावा में भी पारा 46°C रिकॉर्ड किया गया।
- प्रभावित राज्य: उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और राजस्थान के शहर इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं।
- वैश्विक तुलना: टॉप 100 की इस लिस्ट में भारत के बाहर के केवल चंद शहर (जैसे नेपाल के धनगढ़ी और लुंबिनी) ही जगह बना पाए हैं, जो दक्षिण एशिया में फैली इस गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।
लू का कहर: बेजुबान पक्षियों पर आई शामत
भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी घातक साबित हो रहा है। देश के कई हिस्सों से कबूतरों और अन्य पक्षियों के लू लगने से मरने की खबरें आ रही हैं।
- आसमान से उड़ते हुए पक्षी अचानक गिर रहे हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की कमी (Dehydration) और भीषण हीट स्ट्रोक के कारण उनके शरीर के अंग काम करना बंद कर रहे हैं।
- स्वयंसेवी संस्थाएं लोगों से अपील कर रही हैं कि वे अपनी छतों और बालकनी में पक्षियों के लिए पानी और दाने का प्रबंध करें।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
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क्षेत्र/राज्य |
संभावित तापमान |
अलर्ट की स्थिति |
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दिल्ली-NCR |
42°C – 44°C |
हीटवेव अलर्ट (26-27 अप्रैल) |
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उत्तर प्रदेश |
44°C – 46°C |
गंभीर हीटवेव (Severe Heatwave) |
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राजस्थान |
43°C – 44°C |
हाई अलर्ट (पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्र) |
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विदर्भ (महाराष्ट्र) |
44°C + |
एक्सट्रीम हीट वार्निंग |
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मध्य प्रदेश |
42°C – 44°C |
निरंतर लू की स्थिति |
गर्म रातें (Warm Nights): IMD के अनुसार, केवल दिन ही नहीं बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म हो रही हैं, जिससे लोगों को गर्मी से रिकवर होने का समय नहीं मिल पा रहा है।
सावधानियां और बचाव के उपाय
विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए निम्नलिखित सलाह दी है:
- पीक ऑवर्स: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
- हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), और घर के बने तरल पदार्थ (नींबू पानी, छाछ) पीते रहें।
- पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या छाते से ढकें।
- विशेष देखभाल: बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखें, क्योंकि वे हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
यह स्थिति जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के गंभीर संकेतों की ओर इशारा कर रही है, जहाँ अप्रैल के महीने में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर को पार कर रहा है।