दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और व्यापारियों का समन्वय बनेगा मिसाल
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने व्यापार संघों के पदाधिकारियों से की चर्चा — 50 संघों के 160 प्रतिनिधियों ने की शिरकत
नरेश गुनानी • वरिष्ठ पत्रकार
जयपुर, 11 अक्टूबर।
आगामी पांच दिवसीय दीपोत्सव की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शुक्रवार को जयपुर के विभिन्न व्यापार मंडलों, बाजार संघों और औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की।

बैठक में जयपुर के लगभग 50 व्यापारिक संघों और संगठनों के 160 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने कहा कि दीपावली केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ‘टीम जयपुर’ की सामूहिक भावना और शहर की जीवंत संस्कृति का प्रतीक उत्सव है। उन्होंने कहा कि जयपुर की पहचान “रोशनी का शहर” के रूप में कायम रखने के लिए सभी विभागों, व्यापारिक संगठनों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
कलक्टर ने दीपोत्सव के दौरान स्वच्छता, सौंदर्य, सुरक्षा, यातायात, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाओं, पार्किंग प्रबंधन और अतिक्रमण नियंत्रण को लेकर विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान लाखों नागरिक और पर्यटक बाजारों में आते हैं, इसलिए सभी एजेंसियों को सामूहिक समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना होगा, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि दीपोत्सव से पूर्व शहर की सभी सड़कों की मरम्मत कर ली जाए।
जयपुर नगर निगम (ग्रेटर और हैरिटेज) को बाजारों में स्वच्छता और सफाई की विशेष व्यवस्था करने, सड़कों से कचरा और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर सौंदर्यकरण, रंगीन लाइटिंग और सजावट करने के निर्देश दिए गए।
जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) को सतत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और खराब तारों व ट्रांसफॉर्मरों की पूर्व जांच करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को बाजार क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने को कहा गया। वहीं पुलिस और यातायात विभाग को बाजारों में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक डायवर्जन की पूर्व योजना बनाने के निर्देश मिले।
अग्निशमन विभाग को मुख्य बाजारों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल, महामंत्री सुरेश सैनी, सेंट्रल स्पाइन व्यापार महासंघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल, राजस्थान ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन सिंह सहित जयपुर के प्रमुख बाजारों — जौहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, मिर्जा इस्माइल रोड, मानसरोवर, वैशाली नगर, विद्याधर नगर, मालवीय नगर आदि के व्यापारिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने दीपोत्सव के दौरान बिजली आपूर्ति, पार्किंग, यातायात नियंत्रण, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, कचरा निस्तारण, अस्थायी फूड स्टॉल नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ नियमित संवाद और साझा जिम्मेदारी से जयपुर का दीपोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बन सकता है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर-दक्षिण) युगांतर शर्मा ने कहा कि दीपोत्सव केवल रोशनी और सजावट का पर्व नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन, स्वच्छता और नागरिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जयपुर वासियों के सहयोग से यह दीपोत्सव पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा उपयोग की दिशा में भी उदाहरण बनेगा।
उन्होंने ‘ग्रीन दिवाली’ की भावना को अपनाने का आह्वान किया — पटाखों के सीमित उपयोग, प्लास्टिक-मुक्त सजावट और ऊर्जा-संवेदनशील रोशनी के प्रयोग की अपील की।
बैठक में जानकारी दी गई कि दीपोत्सव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकेगा, जहां तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में पुलिस, यातायात पुलिस, जेडीए, नगर निगम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जेवीवीएनएल, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, नागरिक सुरक्षा, देवस्थान, पर्यटन, रसद, वाणिज्य कर और उद्योग विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित हुए।