दीपावली पर अजमेर युवा कांग्रेस का अनोखा विरोध प्रदर्शन
— सड़कों के गड्ढों में जलाए दीये, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
अजमेर, 22 अक्टूबर। (हरिप्रसाद शर्मा)
दीपावली की जगमगाहट के बीच अजमेर युवा कांग्रेस ने शहर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर की टूटी-फूटी और गड्ढों से भरी सड़कों पर दीये जलाकर नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना की पोल खोल दी। बस स्टैंड से लेकर कोर्ट तिराहे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने “स्मार्ट सिटी या गड्ढा सिटी?” जैसे नारों के साथ सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाए।
विरोध के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री दिया कुमारी को प्रतीकात्मक रूप से दीया जलाकर “याद” किया और कहा कि यदि शहर की सड़कों पर रोशनी नहीं है, तो अब जनता को ही दीप जलाकर सरकार को जगाना पड़ेगा।
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने कहा कि अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं। दीपावली जैसे पर्व पर जब पूरा शहर रोशनी से नहाया है, तब नागरिक गड्ढों और कीचड़ भरी सड़कों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल सड़कों की मरम्मत को लेकर नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और दिखावटी विकास के खिलाफ है।
मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शहर की मुख्य सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ सजावट और होर्डिंग्स पर पैसा खर्च कर रही है, जबकि नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।
युवा नेता सागर मीणा ने कहा कि सड़कों की खराब हालत से न केवल आम जनता परेशान है, बल्कि अजमेर की पर्यटन छवि भी धूमिल हो रही है। दीपावली और पुष्कर मेले के दौरान हजारों सैलानी शहर में आते हैं, परंतु टूटी सड़कों के कारण उन्हें भारी असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग और नगरीय विकास मंत्री ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो युवा कांग्रेस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का घेराव करेगी।
इस विरोध प्रदर्शन में सागर मीणा, अकबर हुसैन, गर्व दत्त, शोएब अख्तर, मुनींद्र मीणा, फैजान हैदर, मानव सांखला, सद्दाम चीता, राजवीर गुर्जर, सलमान चीता, यश बुंदेल, प्रशांत कुमार, चेतन पिंगोलिया, विक्रम चौहान, अर्जुन गुर्जर और अंकित पंवार सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल हुए।
युवा कांग्रेस के इस अनोखे “दीया जलाओ आंदोलन” ने दीपावली की रोशनी के बीच सरकार की विकास नीतियों पर कड़ा संदेश दिया कि जनता अब केवल रोशनी नहीं, बल्कि सड़कों पर सुधार भी चाहती है।

