पुष्कर (अजमेर)।
हरि प्रसाद शर्मा
तीर्थ नगरी पुष्कर के ऐतिहासिक दाधीच आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। जैसे ही कथा पंडाल में भगवान कृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा आश्रम परिसर “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” और “नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
संगीतमय कथा में रमे श्रद्धालु
व्यासपीठ पर विराजमान प्रख्यात कथावाचक पं. पवन कुमार मालोदिया (वारंगल) ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत सुंदर, मार्मिक और संगीतमय वर्णन किया। उन्होंने कंस के अत्याचारों, वसुदेव-देवकी के संघर्ष और कारागार में भगवान के दिव्य अवतार की कथा को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु स्वयं को रोक नहीं पाए और झूमते-नाचते हुए अपनी अटूट भक्ति का परिचय दिया। कथा के दौरान कृष्ण जन्म की मनोहारी लीलाओं के भावपूर्ण चित्रण ने उपस्थित जनमेदिनी को भाव-विभोर कर दिया।
मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
जन्मोत्सव के विशेष अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की अत्यंत आकर्षक और मनमोहक सजीव झांकी सजाई गई। बाल रूप में कान्हा के दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल हो गए। श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह और भक्ति भाव के साथ भगवान की आरती उतारी, माखन-मिश्री का भोग लगाया और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
25 मई को होगी पूर्णाहुति
कथा आयोजक मालोदिया परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि दाधीच आश्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रही यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस सात दिवसीय ज्ञान महायज्ञ की भव्य पूर्णाहुति आगामी 25 मई 2026 को धार्मिक विधि-विधान और महाप्रसादी के साथ संपन्न होगी। आयोजक परिवार ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा रसपान करने का आह्वान किया है।