दरगाह शरीफ़ के बाहर गूंजे देशभक्ति के तराने, 786 तिरंगों का वितरण कर दी एकता की मिसाल
मदरसे की बालिकाओं की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ माहौल, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंजी फिज़ा
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 14,2025
(हरिप्रसाद शर्मा), अजमेर — सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के बाहर गुरुवार को देशभक्ति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। इदरा दावत उल हक संस्था के मदरसे की बालिकाओं ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर माहौल को देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से हर कोई प्रभावित हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जायरीन, दुकानदार और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी के हाथों में तिरंगा था और वातावरण “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारों से गूंज रहा था। इस अवसर पर तिरंगा अभियान के संयोजक हाजी मोहम्मद महमूद खान और नवाब हिदायत उल्ला ने बताया कि हर साल स्वतंत्रता दिवस पर इस तरह का आयोजन किया जाता है, ताकि आमजन में देशभक्ति की भावना और मजबूत हो सके।
इस बार दरगाह पर आए जायरीन और दुकानदारों के बीच 786 तिरंगों का वितरण किया गया, जो न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है बल्कि आपसी भाईचारे और एकता का संदेश भी देता है। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि जिस तरह धार्मिक पर्वों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, उसी तरह राष्ट्रीय पर्वों को भी पूरे जोश और सम्मान के साथ मनाना चाहिए।
कार्यक्रम में मौलाना अय्यूब कासमी, पीर नफीस मियां चिश्ती, सैय्यद अनवर चिश्ती, सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक शब्बीर खान, सलीम सराधना, सलमान खान, हाजी रईस कुरैशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में देशभक्ति गीतों और नारों के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ, और दरगाह शरीफ़ से एकता, भाईचारा और देशप्रेम का सशक्त संदेश पूरे शहर में फैल गया।