दरगाह थाना क्षेत्र में फिर एक बांग्लादेशी गिरफ्तार, अब तक 27 घुसपैठिए पकड़े गए
पुलिस की अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई, इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी
Written By: गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 8, 2025
(हरिप्रसाद शर्मा), अजमेर। दरगाह थाना पुलिस और स्पेशल टीम ने अवैध रूप से भारत में घुसे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार रात एक और सफलता हासिल की। दरगाह थाना क्षेत्र से एक और बांग्लादेशी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही अब तक इस क्षेत्र से कुल 27 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को डिटेन किया जा चुका है।
अवैध घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने अभियान को और तेज कर दिया है। दरगाह थाना प्रभारी (सीआई) दिनेश कुमार जीवनानी के नेतृत्व में बुधवार को विशेष कार्रवाई करते हुए लगभग 15 खानाबदोशों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
इस दौरान पुलिस ने दरगाह क्षेत्र के जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ियों, बड़े पीर का चिल्ला, लंगर खाना गली और चश्मा-ए-नूर सहित अन्य संवेदनशील और संभावित क्षेत्रों में दबिश दी।
पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान जमाल करीम शेख उर्फ मस्तान (उम्र 50 वर्ष) के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि वह बांग्लादेश के राजशाही जिले के राजापारा थाना क्षेत्र का मूल निवासी है। उसने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया और दिल्ली बॉर्डर के रास्ते होकर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से होते हुए अजमेर पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जमाल करीम शेख कई वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रहा था और अपनी पहचान छुपाने के लिए खुद को खानाबदोश बताता रहा। पूछताछ में उसने कुछ अन्य संदिग्धों की जानकारी भी साझा की है, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। साथ ही उसके नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की गहराई से जांच की जा रही है।
सीआई जीवनानी ने बताया कि अवैध घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए भविष्य में भी यह अभियान सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।
अजमेर में अवैध घुसपैठ एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। लेकिन दरगाह थाना पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।