दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल में स्वतंत्रता दिवस से पूर्व “स्वच्छता पखवाड़ा” का सफल आयोजन
रिपोर्ट: टेलीग्राफ टाइम्स/ छत्तीसगढ़
By : गणपत चौहान
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 12,2025
बिलासपुर, 12 अगस्त 2025।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल ने 1 अगस्त से 15 अगस्त 2025 तक “स्वच्छता पखवाड़ा” का सफल आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों में स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाए रखना तथा जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
पखवाड़े के तहत 9, 10 और 11 अगस्त को मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान आधुनिक सफाई मशीनों, उपकरणों और औजारों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया गया। सफाई कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराए गए, ताकि वे सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें।
यंत्रीकृत सफाई उपकरणों का सही उपयोग सुनिश्चित किया गया तथा स्टेशनों, प्लेटफार्मों, रनिंग रूम, शयनगृहों, विश्राम गृहों और अस्पताल परिसरों की गहन सफाई की गई।
जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की पहल
रेलवे कॉलोनियों, कार्यालयों और स्वास्थ्य इकाइयों में “कूड़ा-कचरा न फैलाएं” विषय पर नोटिस और बैनर प्रदर्शित किए गए। साथ ही, रेलवे भूमि और कॉलोनियों में वृक्षारोपण अभियान भी संचालित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के संदेश को बल मिला।
कचरा प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम
स्टेशन परिसरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने के लिए पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए गए। यात्रियों और कर्मचारियों को अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान रेल उपयोगकर्ताओं को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की प्रेरणा दी गई।
जनभागीदारी से बढ़ी सफलता
पखवाड़े के दौरान विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें यात्रियों और रेलवे कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता के संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाया गया।
सतत विकास की दिशा में कदम
बिलासपुर मंडल का यह अभियान न केवल रेलवे परिसरों में स्वच्छता को बढ़ावा देता है, बल्कि यात्रियों और कर्मचारियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है। यह पहल रेलवे की सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

