थाने चले हम, स्कूल चले हम: पुलिस और युवा पीढ़ी के बीच जुड़ाव की नई पहल
रिपोर्ट गौरव कोचर, टेलीग्राफ टाइम्स
_____________________
जयपुर, 13 नवंबर। पुलिस ने इंडिया पुलिस फाउंडेशन (आईपीएफ) के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी जागरूकता कार्यक्रम “थाने चले हम, स्कूल चले हम” की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को पुलिस की जिम्मेदारियों, समाज में उसकी भूमिका और सामुदायिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग लता मनोज कुमार के मार्गदर्शन में नोडल अधिकारी पंकज चौधरी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के दो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों — लक्ष्मण डोगरी (गलतागेट) और एसकेएन विद्यालय (जोबनेर) में शुरू किया गया। इस कार्यक्रम में आईपीएफ की मुख्य प्रबंधक पूनम अरोड़ा और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी विमला मेहरा ने भी सहभागिता की।
नोडल अधिकारी पंकज चौधरी ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग पुलिसिंग का भविष्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा, अपराध रोकथाम, कानून व्यवस्था और सामाजिक कल्याण में पुलिस की भूमिका के प्रति समझ बढ़ाना है। साथ ही, यह पहल युवाओं में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करेगी।
यह कार्यशाला 13 से 15 नवंबर तक ग्रामीण राजकीय एसकेएन विद्यालय जोबनेर में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के दौरान देश के प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त और सेवारत अधिकारी विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह और आमोद कंठ न्याय और किशोर गृह प्रणाली पर चर्चा कर रहे हैं।
इसके अलावा, यूनिसेफ राजस्थान के प्रतिनिधि बाल अधिकारों पर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों पर, जबकि एसएफएल जयपुर के अधिकारी फोरेंसिक विज्ञान के महत्व पर विद्यार्थियों को जानकारी दे रहे हैं। नगर निगम और एसडीआरएफ के अधिकारी अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण सत्र संचालित कर रहे हैं।
पूरे छह दिवसीय कार्यक्रम की मॉनिटरिंग सामुदायिक पुलिसिंग नोडल अधिकारी पंकज चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम मीणा, नरेश कुमार शर्मा और संजय कुमार शर्मा द्वारा की जा रही है। विद्यार्थियों को थानों और अग्निशमन केंद्रों का प्रत्यक्ष दौरा भी कराया जा रहा है ताकि वे इन संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझ सकें और पुलिस व्यवस्था के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित कर सकें।
यह पहल राजस्थान पुलिस की ओर से पुलिस और समाज के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।