त्याग और बलिदान के प्रतीक हैं गुरु गोबिंद सिंह, उनकी शिक्षाएं सदैव मार्गदर्शक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

त्याग और बलिदान के प्रतीक हैं गुरु गोबिंद सिंह, उनकी शिक्षाएं सदैव मार्गदर्शक: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

| नरेश गुनानी

जयपुर, 26 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिखों के दसवें गुरु एवं खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व (27 दिसम्बर) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुरु गोबिंद सिंह के महान जीवन और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग को याद किया।

अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की मिसाल

​मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने धर्म, मानवीय मूल्यों और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध लोगों को संगठित कर उनमें वीरता का संचार किया। भजनलाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि गुरु साहिब का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और बलिदान का एक ऐसा अनुपम उदाहरण है, जो युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करता रहेगा।

प्रदेश के विकास में भागीदारी का आह्वान

​प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाएं— जैसे समानता, सेवा और निस्वार्थ भाव— आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए और देश व प्रदेश के समावेशी विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

खालसा पंथ की स्थापना और वीरता का संदेश

​मुख्यमंत्री ने गुरु साहिब द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया, जिसने भारतीय समाज को एक नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने न केवल शस्त्र बल्कि शास्त्र की शक्ति से भी समाज का मार्गदर्शन किया।

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