तीर्थ से लौटते श्रद्धालुओं पर हमला: मामूली टक्कर ने लिया हिंसक रूप, दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
घटना के बाद थाने में हंगामा, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े ग्रामीण
Edited By : गणपत चौहान
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 14,2025
रायगढ़, तमनार।
जिले के तमनार थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसमें तीर्थ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं पर जानलेवा हमला हुआ। प्रयागराज से दर्शन कर लौट रहे लिबरा गांव के सात श्रद्धालु उस समय हिंसा का शिकार हो गए जब उनके वाहन की मामूली टक्कर डोलसरा गांव के एक वाहन से हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि स्थानीय ग्रामीणों ने तीर्थयात्रियों पर बर्बर हमला कर दिया।
मामूली टक्कर बना हिंसा का कारण
सूत्रों के मुताबिक, दो वाहनों की आपसी टक्कर के बाद कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। डोलसरा गांव के कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं पर डंडों और लाठियों से हमला बोल दिया। इस हमले में दो महिलाओं के हाथ टूट गए और वाहन चालक के सिर में गंभीर चोट आई है। अन्य यात्रियों को भी चोटें आई हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं का दर्द: “श्रद्धा के मार्ग पर हिंसा की वारदात”
पीड़ितों ने बताया कि वे लोग शांतिपूर्वक तीर्थ से लौट रहे थे और रास्ते में ऐसा हमला उनकी कल्पना से परे था। परिवार के सदस्य अब भी डर और सदमे में हैं। उनका कहना है कि हमला सुनियोजित और जानलेवा था। महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया।
थाने में दर्ज हुई शिकायत, बढ़ता आक्रोश
घटना के बाद लिबरा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में तमनार थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का आरोप है कि पुलिस अभी तक मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिससे आक्रोश फैल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।
पुलिस का पक्ष
तमनार थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
यह घटना न केवल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती असहिष्णुता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताती है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने होंगे।