न्यूज़ रिपोर्ट ब्यूरो/ हरि प्रसाद शर्मा
अजमेर, 31 मार्च 2026 राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तीर्थराज पुष्कर के सर्वांगीण विकास और इसकी पौराणिक अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुष्कर को विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
विरासत का संरक्षण और आधुनिक स्वरूप
बैठक को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि पुष्कर का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व अद्वितीय है। सरकार की योजना इसे एक ऐसा नया स्वरूप प्रदान करने की है, जिससे इसकी दिव्यता और भव्यता में वृद्धि हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास के इस क्रम में पौराणिक विरासत का संरक्षण प्राथमिकता रहेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति से गहराई से जुड़ सकें।
विकास कार्ययोजना की मुख्य बातें
बैठक के दौरान एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें पुष्कर के बुनियादी ढांचे और सौंदर्यकरण के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
- घाटों का सौंदर्यकरण: पुष्कर सरोवर के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
- मंदिरों का जीर्णोद्धार: जगतपिता ब्रह्मा मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के परिसर को और अधिक भव्य बनाया जाएगा।
- परिक्रमा मार्ग और प्रवेश द्वार: श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए भव्य ‘एंट्री प्लाजा’, बेहतर सड़क निर्माण और परिक्रमा मार्गों का सौंदर्यकरण किया जाएगा।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था: इस विकास योजना का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करना भी है।
साधु-संतों और नागरिकों की सहभागिता
इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें पुष्कर से आए साधु, महंतों और स्थानीय नागरिकों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने जन सहयोग को प्रभावी विकास की कुंजी बताते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों और आध्यात्मिक गुरुओं के सुझावों को कार्ययोजना में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने पुष्कर से पधारे संतों का दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया।
बैठक में उपस्थित गणमान्य
इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत मौजूद रहे। साथ ही मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
