मुख्य संवाददाता: हरिप्रसाद शर्मा
पुष्कर (अजमेर)। देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ चल रहे चौतरफा विरोध प्रदर्शन की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय तीर्थनगरी पुष्कर में भी पुरजोर तरीके से सुनाई दी है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रीय बंद के आह्वान पर पुष्कर सहित पूरे अजमेर जिले के दवा विक्रेताओं ने अपनी-अपनी मेडिकल दुकानें पूरी तरह बंद रखकर सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस ऐतिहासिक बंद के कारण जिलेभर में दवा कारोबार पूरी तरह ठप नजर आया।
अजमेर जिले के 2000 मेडिकल स्टोरों पर लटके ताले
पुष्कर केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस आंदोलन को जिलेभर में अभूतपूर्व समर्थन मिला है। अजमेर जिले के करीब 2000 मेडिकल स्टोर इस बंद के समर्थन में आगे आए और सुबह से ही अपनी दुकानों के शटर गिराकर एकजुटता दिखाई। अमूमन हर वक्त मरीजों और उनके परिजनों से गुलजार रहने वाले मेडिकल स्टोरों के बाहर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जिससे बाजार पर बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
‘AI जनरेटेड फर्जी पर्चियां’ और ‘नशे का कारोबार’ सबसे बड़ा खतरा
पुष्कर केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव सुभाषचंद्र पाराशर ने ऑनलाइन दवा कंपनियों के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि:
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- बिना वैध पर्ची के बिक्री: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना डॉक्टर की मूल और वैध पर्ची के दवाइयां धड़ल्ले से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- फर्जी प्रिस्क्रिप्शन का खेल: लोग खुद ही फर्जी पर्चियां तैयार कर दवाइयां मंगवा रहे हैं।
- नशे का बढ़ता जाल: इस लचर व्यवस्था के कारण युवाओं को नशे में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाइयां भी आसानी से घर बैठे मिल रही हैं, जो समाज के लिए घातक है।
”ऑनलाइन कंपनियां भारी-भरकम डिस्काउंट का लालच देकर न केवल स्थानीय छोटे दवा विक्रेताओं की रोजी-रोटी छीन रही हैं, बल्कि यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ है। सरकार को इसे तुरंत पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहिए।”
— सुभाषचंद्र पाराशर (सचिव, पुष्कर केमिस्ट एसोसिएशन)
भारी डिस्काउंट दवाओं की गुणवत्ता पर खड़ा करता है सवाल
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रेम मंघानी ने इस आंदोलन को सीधे तौर पर जनहित से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि:
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- ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिया जा रहा अत्यधिक डिस्काउंट उनकी गुणवत्ता, एक्सपायरी और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
- वर्तमान में एआई (AI – Artificial Intelligence) जनरेटेड प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग कर दवाइयां मंगवाई जा रही हैं, जिससे दवाओं के दुरुपयोग की संभावना कई गुना बढ़ गई है।
- दवाइयों का यह गलत इस्तेमाल देश में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है।
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मांगें नहीं मानी तो आंदोलन होगा और उग्र
दवा विक्रेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह बंद महज एक सांकेतिक चेतावनी है। यदि सरकार ने ऑनलाइन फार्मेसी पर नकेल नहीं कसी और पारंपरिक केमिस्टों के हितों व जनता की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो आगामी दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में ये प्रमुख पदाधिकारी और केमिस्ट रहे मौजूद
पुष्कर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और बंद को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन के सभी स्तंभ एक साथ मैदान में नजर आए। इस दौरान मुख्य रूप से:
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- गोपाल जांगिड़ (अध्यक्ष, पुष्कर केमिस्ट एसोसिएशन)
- प्रेम मंघानी (उपाध्यक्ष)
- सुभाषचंद्र पाराशर (सचिव)
- चन्द्रप्रकाश (उपाध्यक्ष)
- ध्रुव कुमार (पदाधिकारी)
- जगदीश प्रसाद चौधरी (पदाधिकारी)
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सहित तीर्थनगरी के भारी संख्या में दवा विक्रेता और केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।