मुंबई/गौरव कोचर/डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चल रहे एक बड़े दोतरफ़ा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान DRI ने लगभग 8.564 किलोग्राम विदेशी सोना और 1,168.97 कैरेट हीरे बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 13.5 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मामले में एयरपोर्ट के एक कर्मचारी, छह ट्रांज़िट यात्रियों और दुबई जा रहे एक भारतीय यात्री सहित कुल आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।

ऑपरेशन और गिरफ़्तारी का घटनाक्रम
30 सितंबर 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने डिपार्चर एरिया में एयरपोर्ट के एक कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ा। वह कर्मचारी दुबई जा रहे एक भारतीय यात्री को अवैध रूप से निर्यात किए जाने वाले हीरे सौंप रहा था। तलाशी लेने पर कर्मचारी के पास से वैक्स (मोम) के रूप में विदेशी सोने के बुरादे वाली तीन कैप्सूल भी बरामद हुईं, जो उसे एक ट्रांज़िट यात्री ने सौंपी थीं।
पूछताछ के दौरान एयरपोर्ट कर्मचारी ने उस ट्रांज़िट यात्री की पहचान उजागर की, जिसके आधार पर उसे तुरंत हिरासत में लिया गया। कर्मचारी ने यह भी खुलासा किया कि दुबई, दोहा, जेद्दा और फुजैराह से अलग-अलग उड़ानों से आए पांच अन्य ट्रांज़िट यात्री भी उसे तस्करी का सोना सौंपने वाले थे।
DRI अधिकारियों ने ट्रांज़िट एरिया में निगरानी बढ़ाते हुए उन पांचों यात्रियों को उस समय धर दबोचा, जब वे एयरपोर्ट कर्मचारी को सोने के कैप्सूल दे रहे थे। तस्करी का सोना सौंपने के बाद ये यात्री सिंगापुर और ढाका के लिए आगे की यात्रा करने वाले थे। अधिकारियों ने सभी आठ आरोपियों को कस्टम्स एक्ट, 1962 की धाराओं के तहत गिरफ़्तार कर लिया है।
ज़ब्त की गई संपत्ति का ब्योरा
- विदेशी सोना: कुल 23 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 24-कैरेट विदेशी सोने का बुरादा मोम (वैक्स) के रूप में भरा हुआ था। इसका कुल वज़न 8.564 किलोग्राम है, जिसकी बाज़ार कीमत लगभग 12.64 करोड़ रुपये है।
- हीरे: कुल 1,168.97 कैरेट हीरे ज़ब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 1.09 करोड़ रुपये है। इसमें 132.17 कैरेट प्राकृतिक हीरे और 1,036.80 कैरेट लैब में तैयार किए गए (लैब-ग्रोन) हीरे शामिल हैं।
तस्करी का अनोखा दोतरफ़ा मॉडल
इस कार्रवाई से एयरपोर्ट के अंदरूनी तंत्र में मौजूद सुरक्षा जोखिमों का पता चला है। जांच में सामने आया कि एयरपोर्ट का एक ही कर्मचारी दोतरफ़ा अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। वह एक तरफ़ अंतरराष्ट्रीय ट्रांज़िट यात्रियों से सोने की कैप्सूल लेकर उन्हें भारत में ला रहा था, तो दूसरी तरफ़ भारत से दुबई जाने वाले यात्रियों के ज़रिए हीरों के अवैध निर्यात में सहायता कर रहा था। DRI फिलहाल इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।