नरेश गुनानी
जयपुर, 20 अप्रैल 2026 सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक ललित कुमार ने विभागीय योजनाओं की गति और प्रभावशीलता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को अंबेडकर भवन स्थित मुख्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं सहित विभाग की सभी योजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
बजट घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट
निदेशक ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों की बजट घोषणाओं की समीक्षा की। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रगति इस प्रकार है:
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वित्तीय वर्ष |
कुल घोषणाएं |
पूर्ण हो चुकीं |
प्रगतिरत/प्रक्रियाधीन |
|---|---|---|---|
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2024-25 |
26 |
14 |
12 |
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2025-26 |
15 |
09 |
06 |
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2026-27 |
09 |
01 |
08 |
ललित कुमार ने लंबित कार्यों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य अभी भी प्रक्रियाधीन हैं, उनके लिए एक विशेष कार्ययोजना (Special Action Plan) तैयार की जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
चंडीगढ़ चिंतन शिविर की तैयारियां
बैठक में आगामी 24 से 26 अप्रैल तक चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के ‘चिंतन शिविर’ पर भी चर्चा की गई। निदेशक ने इस शिविर से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि राज्य की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
निदेशक ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल लक्ष्य हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया।
बैठक में उपस्थिति: इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त निदेशक नसीम खान, रामेश्वर लाल परसोया, ओपी मीणा, सुण्डाराम मीना, रीना शर्मा, अशोक कुमार जांगिड़, अरविन्द कुमार सैनी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु: > * लंबित कार्यों के लिए बनेगी विशेष कार्ययोजना।
- वर्ष 2024-25 की 50% से अधिक घोषणाएं पूर्ण।
- चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय चिंतन शिविर की तैयारी तेज।