तपती गर्मी के बीच ‘मौसम का तांडव’, IMD ने जारी किया तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

प्रीति बालानी 

जयपुर/नई दिल्ली | 29 अप्रैल, 2026

​देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप के बीच मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण ‘मौसम के तांडव’ की चेतावनी जारी की है। राजस्थान समेत कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान धूलभरी आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

​1. राजस्थान में धूलभरी आंधी और बारिश का अलर्ट

​राजस्थान के कई जिलों में आज और कल के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार:

  • तेज हवाएं: राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है।
  • तापमान में गिरावट: आंधी और बारिश के प्रभाव से अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से मामूली राहत मिलेगी।
  • प्रभावित क्षेत्र: जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

​2. उत्तर भारत में मौसम का हाल (Delhi-NCR, पंजाब, हरियाणा)

​दिल्ली-NCR में आज सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार:

  • ​पंजाब और हरियाणा में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले ‘थंडरस्क्वाल’ (तेज झक्कड़) की चेतावनी दी गई है।
  • ​उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है।

​3. भारी बारिश और बर्फबारी (पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर)

​एक ओर जहां मैदानी इलाकों में आंधी का अलर्ट है, वहीं ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो सकता है:

  • ​जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात और निचले इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वहां बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

​4. आमजन के लिए विशेष सावधानी

​मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए निम्नलिखित सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • पेड़ों के नीचे न रुकें: आंधी के दौरान पुराने पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: मेघगर्जन के समय बिजली के उपकरणों का प्रयोग सावधानी से करें।
  • खेती-किसानी: किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सिंचाई कार्य को फिलहाल टाल दें।

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