| योगेश शर्मा
जयपुर। जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (SKIT) में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर आधारित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। “आउटकम बेस्ड एजुकेशन (OBE) की प्रासंगिकता” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम ने शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का मार्ग प्रशस्त किया।
शिक्षा के बदलते स्वरूप पर गहन मंथन
पांच दिनों तक चले इस सत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को छात्र-केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण (Student-Centric Learning) और मूल्यांकन की नवीन पद्धतियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य में केवल डिग्री प्रदान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विद्यार्थी वास्तविक कौशल और दक्षता हासिल करें।
चर्चा के मुख्य बिंदु:
- OBE के विभिन्न आयाम: शिक्षा को परिणामोन्मुखी बनाने के व्यावहारिक तरीके।
- NBA प्रत्यायन (Accreditation): नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन के नए मानकों और प्रक्रियाओं का समावेशन।
- अनुसंधान के अवसर: ओबीई मॉडल के भीतर शोध और नवाचार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा।
- व्यावहारिक दृष्टिकोण: सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ केस स्टडीज के माध्यम से व्यावहारिक समझ विकसित करना।
प्रतिष्ठित संस्थानों की रही सक्रिय भागीदारी
इस एफडीपी की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के वक्ताओं और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, एनआईटी उत्तराखंड, और आरटीयू कोटा जैसे प्रमुख विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानकों को समझने का अवसर मिला।
आयोजन समिति और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग का विशेष योगदान रहा। समापन सत्र के दौरान सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
