जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में नार्को समन्वय केंद्र तंत्र (NCORD) की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए त्रि-स्तरीय नीति ‘डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय’ (Detect-Disrupt-Destroy) के तहत पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक के मुख्य निर्णय एवं निर्देश:
1. हर जिले में 5 कुख्यात ड्रग माफिया होंगे चिह्नित
मुख्य सचिव ने सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों की सूची बनाएं। इनमें से 5 सबसे कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाए और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. प्रदेश भर के थानों में एक साथ नष्ट होगी जब्त ड्रग्स
ड्रग्स की जब्ती और तस्करों के विरुद्ध अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एक ही दिन विशेष अभियान चलाकर पूर्व में जब्त की गई सभी ड्रग्स व नशीले पदार्थों को नियमानुसार एक साथ नष्ट किया जाएगा।
3. तीन या अधिक मामलों वाले अपराधियों पर तुरंत एक्शन
जिन तस्करों या अपराधियों के खिलाफ 3 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता से शीघ्र निस्तारण किया जाएगा ताकि संगठित अपराध पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा, जांच के दौरान जब्त किए गए वाहनों की शीघ्र नीलामी करने के निर्देश दिए गए हैं।
4. ‘विजन 2026-29’ के तहत बनेगी ठोस नीति
वर्ष 2026 से 2029 के लिए राज्य में ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा युवा मामलात विभाग को आपस में समन्वय बनाकर नशा मुक्ति, जागरूकता और कार्रवाई का संयुक्त प्रोटोकॉल लागू करने को कहा गया है।
प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी रहे उपस्थित
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अधिकारी / पद |
नाम |
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मुख्य सचिव |
वी. श्रीनिवास |
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पुलिस महानिदेशक (DGP) |
राजीव कुमार शर्मा |
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) |
भास्कर ए. सांवन्त |
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) |
कुलदीप रांका |
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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ANTF) |
विकास कुमार एवं दिनेश एम. एन. |
बैठक में बीएसएफ (BSF) राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि रेलवे सुरक्षा बल (RPF), केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।