लोकेंद्र सिंह शेखावत
भागलपुर, बिहार! ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, पापी ग्रहों के प्रभाव से ट्रंप की ताजपोशी के बाद का समय काफी उतार-चढ़ाव वाला बताया गया था। जिस तरह से यह भविष्यवाणी सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बनी है, उसे इतिहास में एक ‘अशुभ योग’ के संकेत के रूप में याद रखा जाएगा।
अब आते हैं मूल प्रश्न पर कि:- “ग्रहों के खेल में डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिख सकते हैं दिन में ही तारे”! यह भविष्यवाणी बाबा-भागलपुर द्वारा अपने फेसबुक पोस्ट पर 24 जनवरी 2026 को की गई “भविष्यवाणी”- जिसका शीर्षक:- देश-दुनिया में उथल-पुथल होने के आसार! यह भविष्यवाणी बिहार सहित कई प्रदेशों के हिन्दी समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुई थी और अक्षरस: सच साबित हो रही है। इसी भविष्यवाणी के मद्देनजर बाबा-भागलपुर ने अपने फेसबुक पोस्ट पर 12 मार्च 2026 को इस भविष्यवाणी को शेयर कर डोनाल्ड ट्रम्प पर भविष्यवाणी कर दी की:- ग्रहों के खेल में डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिख सकते हैं दिन में ही तारे! यह भविष्यवाणी सच साबित होने लगी है। समाचार सूत्रों के अनुसार ट्रम्प घिरे, ईरान जंग के खिलाफ अमेरिका में लाखों लोग सड़क पर प्रदर्शन कर इस्तीफा मंगा।

बाबा-भागलपुर की भविष्यवाणी जो 09 मार्च 2019 (शनिवार) को कई समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी। जिसका शीर्षक:- 1 “ग्रहों के खेल में ट्रंप को दिख सकते हैं दिन में ही तारे”! शत-प्रतिशत सही हुई।
2 “ग्रहों के खेल में डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिख सकते हैं दिन में ही तारे”! :- इस सम्बन्ध में अवलोकनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 को दिन में 10:54 बजे जमैका, न्यूयॉर्क, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में हुआ है। उपलब्ध जन्म विवरणी के अनुसार ज्ञात हो रहा है कि सिंह लग्न, वृश्चिक राशि व शुक्र के नवांश तुला तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण। इनका लग्न और नवांश काफी मजबूत है तथा प्रबल राजयोगों से लबालब है लेकिन जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति विषानुसार ग्रहण योग तथा अन्य कुछेक दोष भी है। जो इस ओर संकेत कर रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का अचानक सब कुछ समाप्त भी हो सकता है। सुखेश-भाग्येश मंगल की लग्न में उपस्थिति संघर्ष का सुखद परिणाम को दर्शाता है तथा लग्नस्थ मंगल व ज्येष्ठा नक्षत्र के फलस्वरुप दांपत्य जीवन में न्यूता व कष्टप्रद स्थिति को दर्शाता है। परिणाम भी सामने है अब तक के जीवन काल में तीन शादियाँ। द्वितीयेश-लाभेश बुध की पंचम भाव पर पूर्ण दृष्टि व तुला नवांश के अनुसार एक अच्छा कलाकार, लेखक व सफल उधमी को भी दर्शाता है। द्वितीय भाव में देव गुरु बृहस्पति पर राहु-शनि की दृष्टि के फलस्वरुप कटु वाणी व सगे-संबंधी तथा पड़ोसियों से क्लेश कारक स्थिति द्योतक है। विशोंतरी दशा के क्रम में राहु की महादशा में राहु की अंतर्दशा में सन 1999 ई में राजनीति में आए, चूँकि दशमस्थ राहु राजनीति से जोड़ता है और सफलतादायक भी है। लेकिन सफलता नहीं मिली क्योंकि यहाँ पर सूर्य कन्नी काट गये। बृहस्पति की महादशा व अंतर्दशा में 20 जनवरी 2017 को 45 वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण कर विश्व के इतिहास में अपना नाम दर्ज किया। मई 2018 से नवंबर 2020 तक बृहस्पति में शनि की अंतर्दशा व दैनिक गोचर में मार्च 2019 से जनवरी 2020 तक धनु राशि में शनि केतु की युति संबंध तथा 7 मई से 22 जून 2019 तक मिथुन राशि में राहु मंगल की युति संबंध के फलस्वरूप डोनाल्ड ट्रंप के सितारे को धूमिल करते हुए उन्हें दिन में ही तारे भी दिखला सकता है। परिणाम भी सामने हैं:- अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए 3 नवंबर 2020 (मंगलवार) को चुनाव हुए थे, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन को 306 इलेक्टोरल कॉलेज वोट और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 232 वोट मिले थे। अमेरिकी कांग्रेस ने 07 जनवरी 2021 (गुरुवार) को जो. बाइडेन की जीत पर मुहर लगा दी और 20 जनवरी 2021 (बुधवार) को शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया। कांग्रेस ने इलेक्टोरल कॉलेज की काउंटिंग में जो बाइडन को राष्ट्रपति पद के लिए विजेता घोषित किया।
विंशोत्तरी दशा के क्रम में बृहस्पति महादशा में शुक्र की अन्तर्दशा सितम्बर 2024 से मई 2027 तक है। जो पूर्वार्ध में “खुँशी” तथा उत्तरार्ध में “गम” को दर्शाता है। फलस्वरूप परिणाम भी सामने हैं:- डोनाल्ड ट्रम्प ने 05 नवंबर 2024 को दूसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में विजयी घोषित हुये तथा दूसरे कार्यकाल की शपथ 20 जनवरी 2025 को ली।
आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति, शुक्र की उत्तरार्ध की अन्तर्दशा गोचर तथा युति सम्बन्ध के क्रम में मंगल और राहु की युति “अंगारक योग” 23 फरवरी से 02 अप्रैल 2026 तक तत्पश्चात 02 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को दोपहर 3:37 बजे लगभग मंगल के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही शनि, सूर्य और मंगल का एक दुर्लभ और विस्फोटक त्रिग्रही योग 11 मई 2026 तक अत्यंत खराब है। फलस्वरूप ज्योतिषीय परिणाम दिख रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान-इजरायल युद्ध के कारण अमेरिका की ‘5-दिवसीय नो-अटैक’ नीति और कूटनीतिक दबाव के बीच एक जटिल स्थिति में फंसे हुए दिख रहे हैं। हालांकि वे ईरान के साथ बातचीत में प्रगति का दावा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही युद्ध के हिंसक मोड़ और उनके फैसलों की डेडलाइन के कारण उन पर भारी दबाव है। अत: ग्रहों के खेल में डोनाल्ड ट्रंप को फिर दिखने लगे हैं दिन में ही तारे।
