200 से अधिक छात्राओं ने आत्मरक्षा कौशल सीखे, पुलिस अधिकारियों ने दिया सशक्तिकरण का संदेश
गौरव कोचर
जयपुर, 27 नवंबर।
अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में मंगलवार को छात्राओं के लिए एक विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सशक्तिकरण कार्यक्रम में संस्थान की लगभग 200 छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लड़कियों को स्वरक्षा की तकनीकें, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास हासिल करवाना था, ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति का प्रभावी तरीके से सामना कर सकें।
पुलिस विभाग के निर्देशन में आयोजित हुआ कार्यक्रम
यह प्रशिक्षण सत्र पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सिविल राइट्स एवं कम्युनिटी पुलिसिंग, श्रीमती लता मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
पूरे सत्र का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) सुश्री सुनीता मीणा और उनकी प्रशिक्षित टीम ने किया। टीम ने छात्राओं को सरल, सहज और वास्तविक परिस्थितियों में उपयोगी आत्मरक्षा तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास करवाया।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए किया गया प्रशिक्षिण
कार्यशाला के दौरान छात्राओं को—
- पकड़ से छुड़ाने की तकनीक
- प्रहार और बचाव के सरल तरीके
- संकट की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने की विधियाँ
- मानसिक रूप से सतर्क रहने के टिप्स
जैसी कई उपयोगी बातें समझाई गईं और हाथों-हाथ अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।
महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी भी दी
सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने छात्राओं को कई आवश्यक डिजिटल और हेल्पलाइन सेवाओं की भी जानकारी दी, जिनमें—
- ceir.gov.in – खोए/चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्टिंग के लिए राष्ट्रीय पोर्टल
- RajCop Citizen App – पुलिस सेवाओं तक आसान ऑनलाइन पहुँच
- महिला हेल्पलाइन 1090 – राष्ट्रव्यापी महिला सुरक्षा हेल्पलाइन
इन संसाधनों की जानकारी ने छात्राओं को यह भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है।
भविष्य में भी जारी रहेगा सुरक्षा और सशक्तिकरण का प्रयास
डॉ. बी. लाल इंस्टीट्यूट परिवार ने इस जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण हेतु सुश्री सुनीता मीणा और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
संस्थान प्रबंधन ने कहा कि—
“छात्राओं को आत्मविश्वासी और सतर्क बनाने वाले ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।”
प्रबंधन ने यह भी बताया कि आत्मरक्षा जैसी उपयोगी गतिविधियाँ न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन में स्वयं की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाती हैं।