नरेश गुनानी
जयपुर, 4 अप्रैल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत धुरी है। यह न केवल किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि का आधार है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को संबल प्रदान कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहा है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार रात मुख्यमंत्री कार्यालय में डेयरी विकास को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के डेयरी सेक्टर का विस्तार कर ‘सरस’ को एक राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।
प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर खुलेंगे सरस आउटलेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में 2000 करोड़ रुपये के ‘राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड’ की घोषणा की है। उन्होंने निर्देश दिए कि सरस उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश के बाहर और राजस्थान के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर नए आउटलेट खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएं। साथ ही, उत्पादों की व्यापक ब्रांडिंग पर भी जोर दिया जाए।
मिलावटखोरों पर ‘जीरो टॉलरेंस’: होगी सख्त कार्रवाई
दुग्ध उत्पादों की शुद्धता पर जोर देते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि मिलावट के विरुद्ध सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- डेयरी उत्पादों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं।
- मिलावट में संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों और केंद्रों पर सख्त कार्रवाई हो।
- अत्याधुनिक मिल्क टेस्टिंग मशीनरी और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और सुदृढ़ बनाया जाए।
सहकार से समृद्धि: किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ के ध्येय के साथ काम कर रही है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि दुग्ध उत्पादकों को पारदर्शी तरीके से अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने तकनीकी नवाचार अपनाकर डेयरी क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी बल दिया।
आरसीडीएफ के मुनाफे में हुई बढ़ोतरी
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विशेष प्रयासों के चलते राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में दुग्ध संकलन, प्रसंस्करण क्षमता और उत्पादों के विपणन में रिकॉर्ड सुधार दर्ज किया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
