डेनमार्क के लिए रवाना हुआ राजस्थान के 38 प्रगतिशील किसानों का दल
पशुपालन मंत्री सहित तीन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल, डेनमार्क में कृषि व डेयरी नवाचारों का करेंगे अध्ययन
जयपुर, 09 अक्टूबर 2025• गौरव कोचर
राजस्थान सरकार की पहल पर किसानों की क्षमता वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई तकनीक सीखने के उद्देश्य से राज्य के 38 प्रगतिशील किसानों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को नई दिल्ली से डेनमार्क के कोपेनहेगन के लिए रवाना हुआ। यह दौरा राज्य बजट 2024-25 की घोषणा संख्या 124 के अंतर्गत शुरू किए गए ‘नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम’ के तहत आयोजित किया गया है।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत कर रहे हैं। दल में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, पशुपालन राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, किसान आयोग के अध्यक्ष सी. आर. चौधरी, पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, कृषि आयुक्त चिन्मयी गोपाल, कृषि विपणन निदेशक राजेश कुमार चौहान सहित कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभागों के नौ अधिकारी शामिल हैं।
राज्य के विभिन्न कृषि संभागों से चयनित 38 किसानों में भरतपुर, जोधपुर, भीलवाड़ा, सीकर और उदयपुर से 4-4 किसान, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जालोर और कोटा से 3-3 किसान, तथा जयपुर कृषि संभाग से 6 किसान शामिल हैं।
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन प्रमुख स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों में किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए डेनमार्क जैसे अग्रणी देश से सीखने का यह अवसर अत्यंत उपयोगी रहेगा।
उन्होंने कहा कि दल 12 अक्टूबर तक कृषि और डेयरी सेक्टर में डेनमार्क में हो रहे नवाचारों का अध्ययन करेगा। इस दौरान किसानों और अधिकारियों की विभिन्न संगठनों और संस्थानों के साथ बैठकें होंगी, जिनमें उत्पादन तकनीक, डेयरी प्रबंधन, जैविक खेती, जल संरक्षण और विपणन व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रतिदिन किए गए निरीक्षण और बैठकों का विस्तृत विश्लेषण तैयार किया जाएगा, ताकि राजस्थान की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लाभदायक तकनीकों और नीतियों को लागू किया जा सके।
दल 14 अक्टूबर को नई दिल्ली लौटेगा। इस अध्ययन दौरे से राज्य में आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार, डेयरी उत्पादन में गुणवत्ता सुधार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नए मार्ग खुलने की उम्मीद है।
“यह दौरा राजस्थान के किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समझ और प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने का अवसर देगा, जिससे राज्य में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नए युग की शुरुआत होगी।” — जोराराम कुमावत, पशुपालन मंत्री