डीजीपी राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईलेवल बैठक — गैंग और हार्डकोर अपराधियों पर राज्यस्तरीय कार्रवाई के निर्देश — संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति
गौरव कोचर •
25 अक्टूबर 2025
जयपुर। राजस्थान में सक्रिय संगठित आपराधिक गैंगों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए शनिवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव शर्मा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इसमें संगठित अपराध से प्रभावित जिलों और रेंजों के पुलिस अधीक्षक, आईजी, जयपुर व जोधपुर कमिश्नरेट सहित एजीटीएफ, एटीएस/एसओजी और अपराध शाखा के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक का उद्देश्य राज्यभर में सक्रिय आपराधिक गैंगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना था। डीजीपी ने निर्देश दिए कि गैंग संचालन, धमकी, वसूली, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त तत्वों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
संगठित अपराध पर सख्ती के निर्देश
डीजीपी ने कहा कि अब कार्रवाई केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे आपराधिक तंत्र को ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों को निर्देशित किया कि गैंगों, उनके सहयोगियों और सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो या प्रमोट करने वालों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिलों को धारा 111 बीएनएस के तहत सक्रिय अपराधियों पर कार्रवाई करने, उनकी संपत्ति जब्त करने और उनके वित्तीय स्रोतों पर प्रहार करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी जिलों में सूचनाएं साझा की जाएं ताकि अपराधियों को जड़ से समाप्त किया जा सके।
फायरिंग, मर्डर और धमकी मामलों की समीक्षा
बैठक में लंबित फायरिंग और हत्या के प्रकरणों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने कहा कि जिन मामलों में गिरफ्तारी लंबित है, उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए। फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और अदालतों में चालान प्रस्तुत करने की स्थिति की नियमित रिपोर्ट दी जाए।
उन्होंने कहा कि अपराधियों द्वारा धमकी भरे कॉल या भय फैलाने की घटनाओं पर तुरंत तकनीकी विश्लेषण कर सख्त कार्रवाई की जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों से मिले इनपुट
बैठक में एडीजी दिनेश एम.एन. ने गैंगों और उनके अपराधों पर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ ने अपराधियों का सिलसिलेवार पीछा कर पकड़ने पर जोर दिया, जबकि एडीजी हवा सिंह ने पुराने अपराधियों के खिलाफ नई रणनीति पर चर्चा की। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने अपराधियों के रिकॉर्ड को अद्यतन और साझा करने पर बल दिया।
जिलों की स्थिति पर प्रेजेंटेशन
बैठक के अंत में 15 मिनट की पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से जिलों की अपराध स्थिति, गैंगवार, धमकी, वसूली और संगठित अपराध से संबंधित ताजा आंकड़ों की समीक्षा की गई।