डीएनटी समुदाय के पहचान प्रमाण पत्र शिविर अब 15 फरवरी तक, मंत्री अविनाश गहलोत ने दी जानकारी
| नरेश गुनानी
जयपुर, 3 फरवरी 2026। राजस्थान सरकार ने विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तू (DNT) समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा प्रदेश भर में आयोजित किए जा रहे पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि अब 15 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बढ़ा समय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार ये शिविर पहले 12 से 31 जनवरी तक आयोजित किए गए थे। समुदाय के प्रतिनिधियों की मांग और अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सरकार ने अब इसकी तिथि को 15 फरवरी तक विस्तारित कर दिया है।
अब तक 5 हजार से अधिक प्रमाण पत्र जारी
मंत्री ने शिविरों की प्रगति साझा करते हुए बताया कि:
- कुल आवेदन: ई-मित्र पोर्टल पर अब तक कुल 10,764 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- जारी प्रमाण पत्र: इनमें से 5,378 लोगों को सफलतापूर्वक पहचान प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
- लंबित आवेदन: 1,301 आवेदनों में कुछ कमियां पाई गई थीं, जिन्हें सुधार के लिए आवेदकों को लौटाया गया है, जबकि शेष आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं।
पहचान के साथ अन्य दस्तावेज भी बनेंगे
अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर घुमन्तू व्यक्ति को ऑनलाइन पहचान पत्र देकर कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके लिए प्रदेश की समस्त पंचायत समितियों, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में केवल डीएनटी प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि अन्य आवश्यक दस्तावेज भी बनाए जा रहे हैं:
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है लक्ष्य
सामाजिक न्याय मंत्री ने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जब समुदाय के पास वैध पहचान दस्तावेज होंगे, तभी सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाएगा और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

