डिपार्टमेंटल ट्रांसफर बना तनाव का कारण, जीएनएम नर्स ने की आत्महत्या

डिपार्टमेंटल ट्रांसफर बना तनाव का कारण, जीएनएम नर्स ने की आत्महत्या
जेएलएन अस्पताल की वरिष्ठ नर्स करुणा मिश्रा ने फांसी लगाकर दी जान

Edited By : गौरव कोचर 
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 12,2025

(हरिप्रसाद शर्मा)
अजमेर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) चिकित्सालय में कार्यरत एक सीनियर नर्स ने शनिवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान 43 वर्षीय करूणा मिश्रा के रूप में हुई है, जो साल 2008 से अस्पताल में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) के पद पर कार्यरत थीं। घटना ने न सिर्फ अस्पताल स्टाफ को स्तब्ध कर दिया, बल्कि उनके परिवार और परिचितों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

घर के कमरे में फंदे से लटकी मिली लाश

घटना हनुमान नगर, बिहारीगंज स्थित करूणा मिश्रा के निवास की है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह उनके घर के एक कमरे में लाइट जलती देख परिजनों को शक हुआ। जब कमरे का दरवाजा खोला गया, तो करूणा फंदे से लटकी मिलीं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अलवरी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला

एसआई राजपाल सिंह ने बताया कि घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण तनाव और डिप्रेशन माना जा रहा है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

पति ने बताया, विभागीय तबादले से थी परेशान

मृतका के पति शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि पिछले एक साल से करूणा का विभाग (डिपार्टमेंट) बदल दिया गया था। जहां काम का दबाव बहुत अधिक था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात सबकुछ सामान्य था। दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया और सो गए। सुबह जब मां कमरे में गई तो करूणा मृत अवस्था में मिलीं। शैलेन्द्र का कहना है कि डिपार्टमेंट में बदलाव के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं।

अस्पताल स्टाफ भी सदमे में

करूणा मिश्रा की आत्महत्या की खबर से जेएलएन अस्पताल का स्टाफ भी स्तब्ध है। उनके सहकर्मियों का कहना है कि करूणा एक हंसमुख, मददगार और मिलनसार स्वभाव की महिला थीं। किसी ने कभी अंदाजा नहीं लगाया था कि वह भीतर से इतनी टूटी हुई होंगी।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उठे सवाल

इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक काम का बोझ और अनियमित शिफ्टें, खासकर नर्सिंग स्टाफ के लिए गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं। यदि समय रहते सहायक कदम न उठाए जाएं, तो हालात भयावह हो सकते हैं।

पुलिस कर रही गहन जांच

फिलहाल पुलिस घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। करीबी रिश्तेदारों और अस्पताल प्रशासन से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि डिपार्टमेंटल तबादले के बाद काम के दबाव के अलावा क्या कोई और कारण था जिसने करूणा को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।


 

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

12वीं आरएसी बटालियन को मिलेंगे 84 नए कांस्टेबल, अंतिम चयन सूची जारी

12वीं आरएसी बटालियन को मिलेंगे 84 नए कांस्टेबल, अंतिम...

राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष

राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष 2 साल: नव...

सोसाइटी में सुगमता से धान विक्रय होने पर किसान ने की व्यवस्थाओं की सराहना

सोसाइटी में सुगमता से धान विक्रय होने पर किसान...

बृजबाई कर रही हैं घर-गृहस्थी के कार्यों में राशि का उपयोग

 बृजबाई कर रही हैं घर-गृहस्थी के कार्यों में राशि...