डिजिटल भारत की सुरक्षा: गोवा में ‘सीईआरटी-इन संवाद 2026’ का सफल आयोजन

आर बी चतुर्वेदी 

पणजी, गोवा | 29 अप्रैल 2026

​भारत के साइबर सुरक्षा ऑडिट इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने और देश की साइबर प्रतिरोधक क्षमता (Cyber Resilience) को मजबूत करने के उद्देश्य से, भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन “सीईआरटी-इन संवाद 2026” आज संपन्न हुआ।

​27 से 29 अप्रैल तक बीआईटीएस पिलानी के केके बिरला गोवा परिसर में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘भविष्य के लिए तैयार ऑडिट के माध्यम से डिजिटल भारत को सुरक्षित करना: अनुकूलन, आश्वासन, प्रगति’ रहा।

​उद्घाटन और मुख्य संबोधन

​सम्मेलन का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गोवा अब केवल पर्यटन (सूरज, रेत और समुद्र) के लिए ही नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा के उभरते केंद्र के रूप में भी पहचाना जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तैयारियों को दिशा देने में सीईआरटी-इन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

​सीईआरटी-इन के महानिदेशक संजय बहल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और देश भर के 500 से अधिक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

​प्रमुख घोषणाएं और नवाचार

​सम्मेलन के दौरान साइबर सुरक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • AMBAK का शुभारंभ: ऑडिट मॉनिटरिंग, बेंचमार्किंग, एनालिसिस और काइनेटिक इंटरवेंशन (AMBAK) प्रणाली को लॉन्च किया गया।
  • उन्नत प्रमाणन पाठ्यक्रम: सीईआरटी-इन ने बीआईआर और नाबार्ड के सहयोग से ग्रामीण वित्तीय संस्थानों (RFI) के लिए एक विशेष साइबर सुरक्षा प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किया, ताकि जमीनी स्तर पर तकनीकी कौशल को बढ़ावा दिया जा सके।
  • प्रगति रिपोर्ट: विभिन्न उभरते डोमेन पर कार्य समूहों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट जारी की गई।

​तकनीकी सत्र और चर्चा के विषय

​सम्मेलन में 200 से अधिक शोध पत्रों में से चयनित 87 प्रस्तुतियों के माध्यम से अत्याधुनिक ऑडिट प्रथाओं पर चर्चा की गई। मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:

  1. उभरती प्रौद्योगिकियां: अंतरिक्ष संपत्तियों (UAV और उपग्रह), IoT, और अगली पीढ़ी के AI मॉडल की सुरक्षा।
  2. उन्नत खतरे: AI संचालित साइबर जोखिम, क्वांटम संचार और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) पर गहन विमर्श।
  3. ऑडिट नवाचार: क्लाउड सिस्टम, API, आपूर्ति श्रृंखला ऑडिट और एआई संचालित रेड टीमिंग के लिए अभिनव दृष्टिकोण।
  4. सॉफ्टवेयर बिल ऑफ मैटेरियल्स (SBOM): CBOM, QBOM और HBOM के कार्यान्वयन पर चर्चा।

​पैनल चर्चा: “भविष्य का ऑडिट”

​सीईआरटी-इन के वरिष्ठ निदेशक एस.एस. शर्मा द्वारा संचालित एक उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ इंडिया, CRIS, BSE लिमिटेड और एयरटेल पेमेंट्स बैंक के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र अगली पीढ़ी के साइबर सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से नई तकनीकों को सुरक्षित बनाना था।

​भविष्य की राह

​बीआईटीएस पिलानी के निदेशक सुमन कुंडू और गोवा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की सीईओ रेवती कुमार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए ऑडिट मानकों को उन्नत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

​सम्मेलन के अंत में प्रतिनिधियों ने सक्रिय जोखिम प्रबंधन, प्रक्रिया स्वचालन और अनुपालन सुदृढ़ीकरण के लिए व्यावहारिक रणनीतियों के साथ विदा ली, जो भविष्य में एक सुरक्षित और साइबर-सुगम भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।

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