डिजिटल भारत की नई उड़ान: स्वदेशी एआई ‘नभ’ का सफल परीक्षण
| नरेश गुनानी
बेंगलुरु: भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप ‘इंडस टेक’ ने अपने बहुभाषी एआई मॉडल ‘नभ’ के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है। यह मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं और क्षेत्रीय बोलियों को समझने के लिए डिजाइन किया गया है।
मुख्य विशेषताएं और क्षमताएं
परीक्षण के दौरान ‘नभ’ ने जटिल गणनाओं और भाषाई अनुवाद में असाधारण प्रदर्शन किया। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- 22 आधिकारिक भाषाएं: यह भारत की सभी संवैधानिक भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है।
- इंटरनेट के बिना कार्यक्षमता: इसके हल्के संस्करण को कम बैंडविड्थ और बिना इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी उपयोग किया जा सकता है।
- डेटा सुरक्षा: इसका पूरा सर्वर भारत में ही स्थित है, जिससे नागरिकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
विकास टीम का नेतृत्व
इस परियोजना का नेतृत्व मुख्य वैज्ञानिक अविनाश कुमार और मुख्य इंजीनियर सविता राव ने किया। टीम ने पिछले तीन वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद इस एल्गोरिदम को विकसित किया है। अविनाश कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है।
भविष्य की योजनाएं
सरकार ने भी इस स्वदेशी पहल की सराहना की है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव राजेश वर्मा के अनुसार, आगामी महीनों में ‘नभ’ को सरकारी ई-सेवाओं और शिक्षण संस्थानों के साथ एकीकृत किया जाएगा। इससे उन छात्रों को बड़ी मदद मिलेगी जो अपनी मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक तकनीकी बाजार में भारत की निर्भरता को कम करेगा और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को मजबूती देगा।
