योगेश शर्मा
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के व्यापारिक परिदृश्य में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात हुआ है। जयपुर व्यापार महासंघ (JVM) द्वारा जयपुर के प्रतिष्ठित बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित विशाल व्यापारिक सम्मेलन ने शहर के पारंपरिक बाजारों को तकनीक से जोड़कर एक नई आर्थिक क्रांति की नींव रख दी है। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) ‘डिगी दुकान’ पहल का औपचारिक शुभारंभ रहा, जो स्थानीय छोटे-बड़े दुकानदारों को सीधे ई-कॉमर्स की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया ‘डिजीदुकान’ पहल का शुभारंभ
इस ऐतिहासिक व्यापारिक महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उपस्थित रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर ओएनडीसी-डिजीदुकान पहल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा अध्यक्षता भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरित यह पहल किराना व्यापारियों, छोटे दुकानदारों एवं महिला उद्यमियों को डिजिटल वाणिज्य से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ओएनडीसी आधारित डिजिटल ई-बी2बी (E-B2B) प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब प्रदेश के व्यापारी विभिन्न ब्रांड्स, वितरकों एवं थोक विक्रेताओं से एकीकृत रूप से जुड़कर अपनी खरीद व आपूर्ति प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बना सकेंगे। यह नवाचार राजस्थान में समावेशी आर्थिक विकास को नई गति देगा।
क्या है ONDC और क्यों ‘डिगी दुकान’ बनेगी गेमचेंजर?
अब तक देश के ऑनलाइन बाजार पर गिने-चुने बड़े विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का एकाधिकार रहा है, जो छोटे व्यापारियों से भारी-भरकम कमीशन वसूलते हैं। ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य डिजिटल व्यापार का लोकतांत्रीकरण करना है।
’डिगी दुकान’ इसी नेटवर्क से जुड़ा एक सुगम डिजिटल टूल है, जिसके तहत जयपुर के व्यापारियों का मात्र कुछ मिनटों में एक डिजिटल कैटलॉग तैयार हो जाता है, पेमेंट गेटवे एक्टिवेट हो जाता है और उन्हें सुरक्षित लॉजिस्टिक्स (सामान भेजने की सुविधा) मिल जाती है। इसके जरिए चौड़ा रास्ता, जवाहर नगर या बापू बाजार जैसी तंग गलियों की छोटी दुकानें भी बिना किसी तकनीकी जटिलता के पूरे देश के ग्राहकों तक पहुँच सकती हैं।
पारंपरिक ई-कॉमर्स बनाम ONDC डिगी दुकान: मुख्य लाभ
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विशेषता |
पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स |
ONDC डिगी दुकान |
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कमीशन दर |
20% से 30% तक उच्च कमीशन |
मात्र 3% से 5% तक सीमित |
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डेटा का स्वामित्व |
प्लेटफॉर्म के पास (व्यापारी को ग्राहक डेटा नहीं मिलता) |
व्यापारी का पूर्ण नियंत्रण (री-मार्केटिंग की सुविधा) |
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प्रारंभिक लागत |
वेबसाइट और ऐप निर्माण में ₹50,000+ का खर्च |
10 मिनट में निःशुल्क ऑनलाइन दुकान लाइव |
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पहुँच |
प्लेटफॉर्म विशेष के यूजर्स तक सीमित |
देश के किसी भी बायर ऐप (जैसे Paytm, Mystore आदि) पर दृश्यता |
‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगी मजबूती
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभााष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद देश में उपभोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। यदि समय रहते पारंपरिक व्यापारी तकनीक को नहीं अपनाएंगे, तो वे प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाएंगे। ‘डिगी दुकान’ परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने वाला सेतु है।
इस तकनीक के आने से जयपुर की विश्वप्रसिद्ध ब्लू पॉटरी, लाख की चूड़ियाँ, राजस्थानी जूतियाँ, सांगानेरी प्रिंट और हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट्स) को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा। सम्मेलन में मौजूद ‘बंधे की ठाठ’ से जुड़ी एक महिला उद्यमी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिगी दुकान पर आने के तुरंत बाद उन्हें बेंगलुरु और पुणे से सीधे ऑर्डर्स मिलने शुरू हो गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर महिला उद्यमिता के सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है।
50 से अधिक प्रमुख व्यापार मण्डलों का ऐतिहासिक समर्थन
इस सम्मेलन में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के 1500 से अधिक व्यापारी प्रतिनिधियों और संगठनों ने हिस्सा लिया। शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों ने इस मुहिम को अपना पूर्ण समर्थन दिया है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- महारानी गायत्री देवी मार्केट एसोसिएशन, चांदी की टकसाल व्यापार मण्डल, हल्दीयों का रास्ता व्यापार मण्डल।
- चौड़ा रास्ता व्यापार मण्डल, गोपालजी का रास्ता व्यापार मण्डल, एम आई रोड व्यापार मण्डल, घी वालों का रास्ता व्यापार मण्डल।
- किशनपोल बाजार, नाहरगढ़ रोड मनिहारी बाजार, ब्रह्मपुरी बाजार, बापू बाजार, संजय बाजार, जौहरी बाजार व नेहरू बाजार व्यापार मण्डल।
- अजमेर रोड, इंदिरा बाजार, जयंती बाजार, चांदपोल बाजार, रामगंज बाजार, हवा महल बाजार, गणगौरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार व्यापार मण्डल।
- न्यू सांगानेर रोड मानसरोवर, बगरू वालों का रास्ता, ढेहर का बालाजी, लाल कोठी, सूरजपोल बाजार, घाटगेट बाजार, टोंक रोड और मनीराम जी की कोठी सहित कुल 50 से अधिक व्यापार मण्डल।
चुनौतियाँ और भविष्य की रूपरेखा: तैनात होंगे ‘डिजी मित्र’
सफलता के इस उल्लास के बीच महासंघ ने व्यावहारिक चुनौतियों को भी रेखांकित किया है। व्यापारियों के बीच ‘डिजिटल साक्षरता’ (Digital Literacy) की कमी को देखते हुए जयपुर व्यापार महासंघ ने एक अनूठी योजना तैयार की है।
महासंघ का आगामी रोडमैप:
जयपुर के प्रत्येक प्रमुख बाजार में महासंघ द्वारा ‘डिजी मित्र’ (डिजिटल सहायक) तैनात किए जाएंगे। ये डिजी मित्र छोटे व्यापारियों की ऑनबोर्डिंग (दुकान ऑनलाइन दर्ज करने), डिजिटल कैटलॉगिंग, सुरक्षित पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स के प्रबंधन में व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इसके अतिरिक्त, ONDC नेटवर्क पर रिटर्न पॉलिसी और विवाद समाधान (Dispute Resolution) जैसी प्रक्रियाओं को व्यापारियों के अनुकूल और अधिक सरल बनाने पर निरंतर कार्य चल रहा है।
जयपुर हमेशा से ही अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ व्यापार और नवाचार का प्रमुख केंद्र रहा है। ONDC ‘डिगी दुकान’ सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि देश के छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने की एक बड़ी आर्थिक क्रांति है। जब जयपुर की तंग गलियों की ये पारंपरिक दुकानें ग्लोबल मंच पर चमकेंगी, तभी सही मायनों में ‘डिजिटल इंडिया’ का संकल्प पूरा होगा।