​”डिजाइन इन इंडिया, मेड इन इंडिया”: पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स में प्रवासी भारतीयों को दिया ‘विकसित भारत’ में निवेश का मंत्र, कहा- यह ‘मोदी की गारंटी’ है

गौरव कोचर 

एम्सटर्डम/नई दिल्ली

प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड्स में रह रहे भारतीय समुदाय (डायस्पोरा) के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, लोकतांत्रिक मजबूती और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत-नेदरलैंड्स की बढ़ती साझेदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत की महत्वाकांक्षा और यूरोपीय मानकों के बीच का एक “विश्वसनीय सेतु” बताते हुए उन्हें भारत के विकास में भागीदार बनने का न्योता दिया।

​सेमीकंडक्टर और ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ का गौरव

​प्रधानमंत्री ने देश की तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर तेजी से काम चल रहा है और इनमें से दो प्लांट्स में प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है। उन्होंने गर्व से कहा, “अब चिप भी, डिजाइन्ड इन इंडिया और मेड इन इंडिया होगी।”

​भारत की लोकतांत्रिक ताकत का लोहा मनवाते हुए उन्होंने हालिया चुनावों का उदाहरण दिया:

  • रिकॉर्ड मतदान: असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे राज्यों में 80% से 90% तक वोटिंग हुई, जिसमें महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रही।
  • ऐतिहासिक भागीदारी: 2024 के लोकसभा चुनाव में देश के 90 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड वोटर्स में से 64 करोड़ लोगों ने मतदान किया, जो पूरे यूरोपीय यूनियन (EU) की कुल आबादी से भी अधिक है।

​वैश्विक संकट और भारत-नेदरलैंड्स की मजबूत पार्टनरशिप

​प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी, युद्ध और मौजूदा ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के कारण यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दौर बन रहा है। अगर स्थितियां नहीं बदलीं, तो दुनिया की एक बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी।

​ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भारत और नीदरलैंड्स मिलकर एक पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार ‘Resilient Supply Chain’ के निर्माण में जुटे हैं।

    • सहयोग के क्षेत्र: दोनों देश एनर्जी सिक्योरिटी, वॉटर सिक्योरिटी और ग्रीन हाइड्रोजन पर मिलकर काम कर रहे हैं।
    • यूरोप का प्रवेश द्वार: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारतीय बिजनेसेज के लिए यूरोप में प्रवेश का ‘नेचुरल गेटवे’ नीदरलैंड्स बनेगा।

ट्यूलिप और कमल का संदेश: प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड्स के ट्यूलिप और भारत के राष्ट्रीय फूल कमल (लोटस) की तुलना करते हुए कहा, “दोनों फूल हमें सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती पर, अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता और ताकत दोनों मिलती हैं। यही हमारी दोस्ती का आधार है।”

 

​खेल के मैदान में दोस्ती: क्रिकेट और हॉकी का कनेक्शन

​दोनों देशों के बीच खेल के रिश्तों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि डच क्रिकेट को आगे बढ़ाने में भारतीय समुदाय का बड़ा योगदान है। टी-20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स की टीम में शामिल तेजा निदामनुरु, विक्रमजीत सिंह और आर्यन दत्त जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने डच टीम के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

​वहीं भारतीय हॉकी के विकास में नीदरलैंड्स के योगदान को सराहते हुए उन्होंने कहा कि डच कोचेस (जैसे कोच मरीन) की मेहनत से भारत की महिला हॉकी टीम आज शानदार प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप (जिसका होस्ट नीदरलैंड्स है) में प्रवासी भारतीयों को स्टेडियम जाकर भारत का हौसला बढ़ाने की अपील की और कहा, “वर्ल्ड कप चाहे जो जीते, भारत और नेदरलैंड्स की दोस्ती जरूर जीतेगी।”

​सूरीनामी हिंदुओं के लिए बड़ा ऐलान और ‘मोदी की गारंटी’

​प्रवासी भारतीयों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत सरकार ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए ओसीआई (OCI) कार्ड की पात्रता को चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर अब छठी पीढ़ी तक कर दिया है।

​अंत में, 21वीं सदी के भारत को अवसरों की भूमि बताते हुए उन्होंने प्रवासियों से अपने पुरखों के गांव से जुड़ने और भारत में निवेश करने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा:

​”आप भारत में ज्यादा से ज्यादा सहयोग और निवेश बढ़ाएं। इससे भारत का सामर्थ्य भी बढ़ेगा और आपके इन्वेस्टमेंट्स पर रिटर्न भी ज्यादा मिलेगा—और यह मोदी की गारंटी है।”

 

​कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री ने भारी संख्या में आए लोगों का आभार व्यक्त किया और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

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