कोटा, 18, जून 2026/ दिव्या तिवाड़ी/कोटा जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डांग योजना की जिला स्तरीय क्षेत्रीय विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और जिला कलक्टर पीयूष समारिया की मौजूदगी में हुई इस बैठक में वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का व्यापक विचार-विमर्श के बाद अनुमोदन (Approve) कर दिया गया।
इस योजना के तहत जिले के डांग क्षेत्र में आने वाले गांवों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर मुख्य फोकस रहेगा।
प्राथमिकताओं के आधार पर बांटे गए कार्य
बैठक में स्वीकृत की गई वार्षिक कार्य योजना को दो मुख्य प्राथमिकताओं में विभाजित किया गया है, जिसके तहत कुल 296 विकास कार्य करवाए जाएंगे:
- प्रथम वरीयता (First Priority): इसके अंतर्गत 8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 127 कार्यों को मंजूरी दी गई है।
- द्वितीय वरीयता (Second Priority): इसके तहत 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 169 कार्यों को शामिल किया गया है।
इन प्रमुख विकास कार्यों को मिलेगी गति
ग्राम स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित कार्य प्रमुखता से करवाए जाएंगे:
- स्थानीय विद्यालयों में विभिन्न विकास कार्य एवं नए कक्षा-कक्षों (Classrooms) का निर्माण।
- ग्रामीण आंतरिक सड़कों का निर्माण और उखड़ी हुई सड़कों की मरम्मत।
- जल निकासी के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स के साथ नाली और बड़े नालों का निर्माण।
- सुरक्षा दीवारों (Boundary Walls) का निर्माण।
- मुक्तिधाम (श्मशान घाट) एवं विभिन्न धार्मिक स्थलों के विकास और जीर्णोद्धार के कार्य।
47 ग्राम पंचायतों के 237 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
डांग क्षेत्रीय विकास योजना के तहत कोटा जिले के चार प्रमुख ब्लॉकों को कवर किया जा रहा है। इसमें इटावा, सुल्तानपुर, खैराबाद और लाडपुरा ब्लॉक की 47 ग्राम पंचायतों के कुल 237 गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों में पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
राज्य सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
जिला स्तरीय समिति से इस कार्य योजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राज्य स्तर पर डांग क्षेत्रीय विकास बोर्ड से अंतिम अनुमोदन प्राप्त होते ही बजट (फंड) का आवंटन कर दिया जाएगा, जिसके बाद धरातल पर काम शुरू हो सकेंगे।
अधिकारियों को कड़े निर्देश: बजट का सही इस्तेमाल हो और कोताही न बरतें
बैठक के दौरान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य निर्देश जारी किए:
- इंटरलॉकिंग के साथ नाली अनिवार्य: मंत्री ने निर्देश दिए कि कांट्रैक्टर (ठेकेदार) जहां भी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करें, वहाँ साथ में नाली निर्माण का कार्य भी अनिवार्य रूप से पूरा करें। गांवों में पक्की नालियां न होने से कीचड़ और गंदगी फैलती है, जिसे रोका जाना जरूरी है।
- सड़कों की समय पर मरम्मत: सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को साफ तौर पर पाबंद किया गया कि जिन क्षेत्रों में सड़कें उखड़ी हुई हैं, उन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाए ताकि आमजन को परेशानी न हो।
- सफाई व्यवस्था में जीरो टॉलरेंस: पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि गांवों की सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई कार्य के लिए आवंटित किए गए बजट का उपयोग केवल और केवल सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने में ही किया जाए।