ट्रांसजेंडर कल्याण और सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस की अनूठी पहल: ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत जयपुर में राज्यव्यापी कार्यशाला का आयोजन

थाना स्तर के पुलिस अधिकारी बनेंगे अधिक संवेदनशील; पुलिस और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच विश्वास बहाली के लिए आरपीए (RPA) में जुटे विशेषज्ञ

जयपुर, 2 जून। गौरव कोचर 

राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार और पुलिस आयुक्त जयपुर के मार्गदर्शन में मंगलवार को ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, कल्याण और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया। राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) के ऑडिटोरियम में ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।

​सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चली इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और थाना स्तर पर तैनात ट्रांसजेंडर नोडल पुलिस अधिकारियों को इस समुदाय के प्रति अधिक संवेदनशील, व्यावहारिक और मुस्तैद बनाना था।

पुलिस और समाज के बीच की खाई को पाटेगा ‘ऑपरेशन स्माइल’

​कार्यशाला में पुलिस और ट्रांसजेंडर समुदाय के बीच संवादहीनता को दूर कर विश्वास का वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि थानों में आने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ गरिमापूर्ण और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार होना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

कार्यशाला में जुटे पुलिस महकमे के आला अधिकारी

​इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में पुलिस और समाज कल्याण से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया:

  • श्री सुरेन्द्र सिंह बांगड़वा (सहायक पुलिस आयुक्त – विजिलेंस एंड विकर सेक्शन, पुलिस आयुक्तालय जयपुर)
  • श्री राजेश कुमार शर्मा, श्रीमती सुलेश चौधरी, श्री नीरज पाठक एवं श्रीमती जिज्ञासा (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध एवं अनुसंधान सैल – जिला पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण)
  • ​जयपुर आयुक्तालय के सभी पुलिस थानों के मनोनीत नोडल अधिकारी और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि।

विधिक संरक्षण से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक: विशेषज्ञों का महामंथन

​कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कानूनी, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर विस्तृत प्रकाश डाला:

  • अधिनियम 2019 और कानूनी अधिकार: विशेषज्ञों द्वारा ‘उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019’ के कानूनी पहलुओं और प्रावधानों की बारीकियों को समझाया गया। पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि इस कानून के तहत ट्रांसजेंडर समुदाय को सुरक्षा देना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
  • कल्याणकारी योजनाएं: श्री जितेन्द्र कुमार सेठी (उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर) ने ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति, स्वरोजगार और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी।
  • सामाजिक चुनौतियाँ और जमीनी हकीकत: श्रीमती मोनिका शर्मा (डायरेक्टर वसुधा NGO एवं ट्रांसजेंडर राइट्स एक्टिविस्ट) और प्रमुख ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि नूर शेखावत ने समुदाय को दैनिक जीवन और समाज में पेश आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों, भेदभाव और उनके अधिकारों की लड़ाई को साझा किया।
  • चिकित्सीय व मानसिक परामर्श: डॉ. मंजू भास्कर (विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग, महात्मा गांधी अस्पताल) और डॉ. नकुल सोमानि (Sana Esthetics, जयपुर) ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य, जेंडर डिस्फोरिया और जेंडर अफर्मेशन प्रक्रियाओं से जुड़े अहम चिकित्सीय व व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की।

थाना स्तर पर मुस्तैद रहेंगे नोडल अधिकारी

​कार्यशाला के समापन सत्र में सहायक पुलिस आयुक्त व ट्रांसजेंडर नोडल अधिकारी श्री सुरेन्द्र सिंह बांगड़वा ने सभी थानों से आए नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें।

​ यह कार्यशाला पुलिस और ट्रांसजेंडर समाज के बीच की दूरी को मिटाने में एक मील का पत्थर साबित होगी। ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत आयोजित यह कार्यक्रम अपने उद्देश्यों में पूरी तरह सफल रहा, जिससे आने वाले समय में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सुलभ वातावरण तैयार किया जा सकेगा।

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