गौरव कोचर/भारत और जापान ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए टोक्यो में 8वीं रक्षा नीति वार्ता (Defence Policy Dialogue) का आयोजन किया। 13 जुलाई 2026 को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग की समीक्षा की और एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस महत्वपूर्ण वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया, जबकि जापानी दल की कवाई वाइस मिनिस्टर ऑफ डिफेंस फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स कानो कोजी ने की।

वार्ता के मुख्य बिंदु और रणनीतिक चर्चा
बैठक के दौरान दोनों देशों ने ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ (Special Strategic and Global Partnership) को मजबूत करने पर बल दिया। वार्ता में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा हुई:
- सैन्य सहयोग और अभ्यास: दोनों पक्षों ने सेनाओं के बीच आपसी संपर्क (Military-to-Military exchanges), संयुक्त मुख्यालयों के बीच सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रक्षा अभ्यासों की समीक्षा की।
- उभरते डोमेन और तकनीक: साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष (Space), रक्षा औद्योगिक सहयोग और तकनीकी नवाचार (Technological Innovation) जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमति बनी।
- रक्षा उपकरण और समुद्री तकनीक: दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
- आगामी ‘2+2’ मंत्री स्तरीय बैठक: इस साल के अंत में होने वाली आगामी मंत्री स्तरीय बैठकों और ‘2+2’ वार्ता के संभावित परिणामों पर भी चर्चा की गई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण
”भारत और जापान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर लगातार एक सुर में नजर आ रहे हैं। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रक्षा क्षेत्र में जापान के निरंतर सहयोग की सराहना की। वहीं, कानो कोजी ने भी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भारत के साथ रक्षा संबंधों को और विस्तार देने की जापान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
जापानी रक्षा मंत्री से मुलाकात और मेमोरियल पर श्रद्धांजलि
- रक्षा मंत्री से भेंट: वार्ता से इतर, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं और जापानी रक्षा मंत्री को जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया।
- शहीदों को नमन: रक्षा सचिव ने अपनी यात्रा की शुरुआत टोक्यो में ‘सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज मेमोरियल स्टोन’ पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जापान के आत्म-रक्षा बलों के सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।