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टूट गया रिकॉर्ड… भर गया खजाना: अप्रैल 2025 में अब तक का सबसे ज्यादा GST कलेक्शन
Written By: Vijay Temani
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 1, 2025
नई दिल्ली:
देश की अर्थव्यवस्था के लिए अप्रैल 2025 की शुरुआत शानदार खबर लेकर आई है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए सभी पुराने आंकड़े पीछे छोड़ दिए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में GST कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 12.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
इससे पहले अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था, जो अब तक का उच्चतम रिकॉर्ड था। मार्च 2025 में यह आंकड़ा 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा था।

कहां से आया इतना राजस्व?
- घरेलू लेनदेन से प्राप्त GST राजस्व में 10.7% की वृद्धि हुई और यह लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
- आयातित वस्तुओं से राजस्व में 20.8% की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल 46,913 करोड़ रुपये का योगदान मिला।
जनवरी से मार्च 2025 के कलेक्शन का विवरण:
- जनवरी 2025: 1.96 लाख करोड़ रुपये (12.3% वृद्धि)
- फरवरी 2025: 1.83 लाख करोड़ रुपये (9.1% वृद्धि)
- मार्च 2025: 1.96 लाख करोड़ रुपये (9.9% वृद्धि)
किस राज्यों में हुआ सबसे ज्यादा कलेक्शन?
- लक्षद्वीप में जबरदस्त 287% की वृद्धि
- अरुणाचल प्रदेश में 66%
- मेघालय में 50%
- नागालैंड में 42%
- हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे बड़े राज्यों में भी दोहरे अंकों की ग्रोथ
हालांकि, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें मिजोरम में सबसे ज्यादा 28% की कमी देखी गई।
GST क्या है और कब लागू हुआ?
GST (वस्तु एवं सेवा कर) भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था। यह एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है जो वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, बिक्री और खपत पर लागू होती है। भारत में चार प्रकार के GST हैं:
- CGST (Central GST)
- SGST (State GST)
- UTGST (Union Territory GST)
- IGST (Integrated GST)
GST दरें चार स्लैब में विभाजित हैं: 5%, 12%, 18% और 28%, और समय-समय पर GST परिषद द्वारा इनमें बदलाव किए जाते हैं।

